जल जीवन मिशन की विफलता: गर्मियों में पेयजल आपूर्ति में 50% ट्यूबवेल और हैंडपंप निष्क्रिय!
प्रदेश में गर्मियों की दस्तक के साथ ही तापमान में बढ़ोतरी के चलते पेयजल की आवश्यकता में 20 प्रतिशत तक वृद्धि देखी गई है। हालाँकि, जलदाय विभाग की तैयारियाँ इसमें पूरी तरह से अधूरी हैं। पिछले साल की बजट घोषणा के बावजूद विभाग के इंजीनियरों ने सिर्फ 50 प्रतिशत ट्यूबवेल और हैंडपंप चालू किए हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में अधिकारियों ने दावा किया कि अप्रैल के अंत तक 800 से अधिक ट्यूबवेल और 1400 हैंडपंप सक्रिय हो जाएंगे, लेकिन इस समय यह संख्या अपेक्षित लक्ष्य के आधे से भी कम हो गई है। वर्ष 2022-23 के बजट में हर विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 नलकूप और 10 हैंडपंप स्वीकृत किए गए थे, हालांकि इसके बावजूद आवश्यक संख्या में जल स्रोत चालू नहीं हो पाए हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि उन्हें पेयजल योजनाओं को लेकर गंभीरता से कार्य करना होगा। गर्मी के पीक सीजन में जल आपूर्ति के लिए 107 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 82 करोड़ रुपये और शहरी क्षेत्रों के लिए 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में गर्मियों के दौरान पेयजल की संतोषजनक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 142 करोड़ रुपये के 1244 कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में और 68 करोड़ रुपये के 153 कार्य शहरी क्षेत्रों में शुरू किए जा रहे हैं। ये कार्य नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइपलाइन डालने, मरम्मत आदि से संबंधित हैं।
जल जीवन मिशन को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार ने इस योजना की अवधि को वर्ष 2028 तक बढ़ा दिया है। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत शेष कार्यादेशों को शीघ्र जारी करने का निर्देश दिया है। अप्रैल माह में 5 हजार करोड़ के कार्यादेशों के जारी होने की बात भी की और कहा कि जल जीवन मिशन को सफलतापूर्वक चलाने के लिए संचालन और संधारण नीति को जल्द लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि पीएचईडी अधिकारी बिजली विभाग के साथ मिलकर काम करें ताकि बिजली की कमी के कारण नलकूपों की विद्युत आपूर्ति में कोई व्यवधान न आए। इसके अलावा, उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित कंट्रोल रूम्स के नम्बरों की व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि पेयजल से संबंधित समस्याओं का समाधान समय पर हो सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि गर्मी से पहले सभी पेयजल सुदृढ़ीकरण कार्यों को 15 मई तक पूरा करने के लिए सभी प्रयास किए जाएं।
अंत में, उन्होंने यह कहा कि प्रत्येक जिला कलेक्टर को एक करोड़ रुपये का अनटाइड फंड उपलब्ध कराया गया है, जिसका उपयोग करते हुए कार्यों को तेजी से शुरू किया जा सके। सभी जिला कलेक्टरों को शेष स्वीकृतियों को शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरतमंद क्षेत्रों में पेयजल की कमी को दूर किया जा सके।

