Himachal Pradesh

सरकार केवल कागजी घोषणाएं करने में व्यस्त, आपदा में राजनीति नहीं जवाबदेही का समय : जयराम ठाकुर

जयराम ठाकुर ने मंडी के जेल रोड में हुई बादल फटने की घटना के बाद यहां दौरा कर कहा कि मंडी शहर के जेल रोड में बादल फटने की घटना से अभी तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि एक व्यक्ति की टांगें टूट गई हैं। करीब 50 से अधिक गाड़ियों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर राहत कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार केवल घोषणाएं करने में व्यस्त है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं दिख रहा है। आपदाओं से प्रभावित लोगों को अब तक राहत राशि नहीं मिल पाई है। पिछले तीन वर्षों से प्रदेश में लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदाएं भारी तबाही मचा रही हैं। कई लोगों ने अपने घर, जमीन और रोजगार गंवाए हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के बाद केंद्र सरकार ने प्रदेश को आपदा राहत के लिए 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सहायता प्रदान की है। इसके बावजूद प्रभावित परिवारों को राहत नहीं मिल पाई है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि वह सिर्फ भाषणों और घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि पीड़ितों तक राहत पहुंचाने के लिए ठोस और पारदर्शी कार्य योजना लागू करे।

उन्होंने कहा कि सराज विधानसभा सभा क्षेत्र में आपदा प्रभावित लोगों को अभी 2 हजार और 5 हजार रूपए की नकदी फौरी राहत के तौर पर थमाई गई है। लोग अभी भी राहत का इंतजार कर रहे हैं। जिला प्रशासन राहत कार्यों में अपने संसाधनों से बेहतर काम करने में जुटा है लेकिन इन्हें भी बजट जारी न कर लाचार कर दिया है। मामूली राहत बांटने के लिए भी मुख्यमंत्री और मंत्री के दौरे का इंतजार किया जा रहा है जबकि मुख्यमंत्री बिना हेलीकॉप्टर कहीं जाते नहीं हैं। यहां तो मंत्रियों के ये हाल हैं जिनके पास राजस्व विभाग है और आपदा प्रबंधन का जिम्मा है वो 27 दिन बाद सराज पहुंचे और फिर लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं। सरकार राजनीति छोड़ आपदा प्रबंधन पर फोकस करें।