जैसलमेर के 19351 परिवारों ने निभाया सामाजिक उत्तरदायित्व : खाद्य सुरक्षा योजना से स्वेच्छा से हटाया अपना नाम
अभियान की निगरानी के लिए संदीप गौड़, संभागीय उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी, बीकानेर को 21 जुलाई से 25 जुलाई तक जैसलमेर जिले में नियुक्त किया गया है। वे जिले में पदस्थापित अधिकारियों के समन्वय से अभियान का प्रभावी क्रियान्वन सुनिश्चित करेंगे। गौड एवं जिला रसद अधिकारी ने मंगलवार को नगर परिषद् क्षेत्र जैसलमेर के उचित मूल्य दुकानदारों की मिटिंग रसद कार्यालय में ली। साथ ही उन्हें गिव-अप अभियान, आधार सिडिंग एवं ई-केवाईसी कार्य को शीघ्रता से समाप्त करने के लिए निर्देशित किया।
जिला रसद अधिकारी रामसिंह मीणा ने बताया कि जैसलमेर जिले में अब तक 19351 परिवारों ने स्वेच्छा से लाभ छोड़ा है। यह निर्णय इन परिवारों की सामाजिक समझदारी एवं आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि ऐसे परिवार जिसमें कोई आयकर दाता हो, परिवार का कोई सदस्य सरकारी/अर्द्ध सरकारी संस्थानों में कार्यरत हो, वार्षिक आय एक लाख रूपये से अधिक हो, परिवार में चार पहिया वाहन हो वे इस योजना के लिए अपात्र है।
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि यदि चयनित सक्षम परिवार यदि निर्धारित समयावधि में स्वेच्छा से नाम नहीं हटाते है तो उनसे बाजार दर से राशन की वसूली की जाएगी एवं संबंधित के दण्डात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि योजना से नाम हटाने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी उचित मूल्य दुकानदार उपखण्ड अधिकारी कार्यलय या जिला रसद अधिकारी कार्यलय में सम्पर्क कर आवेदन दे सकते हैं या फिर https://rrcc.rajasthan.gov.in/NfsaGIVEUP.aspx पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन भी कर सकते है।
साथ ही उन्होंने बताया कि ऐसे सभी नये चयनित लाभार्थी जिन्होनें अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है। वे शीघ्र ही अपने एवं अपने परिवार के सभी सदस्यों की उचित मूल्य दुकान पर जाकर ई-केवाईसी करवाएं। अन्यथा चयन के तीन माह बाद ई-केवाईसी नहीं होने पर नाम स्वतः योजना से हटा दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि मुक्त राशन का लाभ उन्ही लोगों को मिले जो वास्तव में इसके पात्र एवं जरूरतमंद है।

