पंजाब के सीमावर्ती इलाकाें में बीएसएफ ने पाकिस्तान की हरकतों पर कसी नकेल
चंडीगढ़, 15 अगस्त । पाकिस्तान ने एक बार फिर से भारत की शांति भंग करने का प्रयास किया। पाकिस्तान की तरफ से स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले ड्रोन की मदद से भारतीय सीमा में हथियार गिराए गए। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पाकिस्तान की इन हरकतों पर नकेल कस दी है।
बीएसएफ ने बुधवार की रात पंजाब के सीमावर्ती जिलों में सक्रियता दिखाते हुए पाकिस्तान की नापाक हरकतों का मुंह तोड़ जवाब दिया और अपना
पहला ऑपरेशन पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर के हजारा गांव के पास सतलुज नदी किनारे पर किया। खुफिया सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति रात के अंधेरे में सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर सकता है।
बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज बताया कि इसी आधार पर जवानों ने ‘रिवर एम्बुश’ बिछाया और इलाके की चौकसी तेज कर दी। बीएसएफ की तरफ से घेराबंदी की गई और संदिग्ध को दबोच लिया गया। शुरुआती पूछताछ में उसके संभावित पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।
दूसरा ऑपरेशन अमृतसर जिले के निस्सोके गांव के खेतों में चलाया गया । बीएसएफ इंटेलिजेंस विंग को सूचना मिली थी कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए एक खेप गिराने की तैयारी है। जवानों ने खेतों की घेराबंदी कर तलाशी शुरू की। थोड़ी देर बाद घास के बीच छिपा एक क्वाडकॉप्टर बरामद हुआ।
उन्हाेंने बताया कि उयह सिर्फ एक ड्रोन नहीं था—इसके पेलोड में 2 पिस्तौल, 4 मैगजीन, 100 जिंदा कारतूस और 4 पैकेट हेरोइन (कुल वजन 4.135 किलो) थे। बरामद नशे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि अब सीमा पर चुनौती ‘दोहरी’ है—एक तरफ पुराने जमाने की घुसपैठ के रास्ते, दूसरी तरफ आधुनिक ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल। ड्रोन ज्यादातर रात में उड़ाए जाते हैं, जीपीएस और ऑटो-पायलट मोड पर ताकि ऑपरेटर को खुद भारतीय सीमा में आने की जरूरत न पड़े।
बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमारे लिए अब जमीन और आसमान, दोनों पर बराबर नजऱ रखना ज़रूरी हो गया है। यही वजह है कि हम हाई-टेक सेंसर, नाइट विजऩ और लोकल इंटेलिजेंस के साथ लगातार तालमेल बनाए रखते हैं।

