गन्ना किसानों को सुरक्षा और सुविधा दी जाए
प्रधान महींपाल सिंह धीमान ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में किसानों को गन्ने से भरी ट्राली या बोगी लेकर तौल केन्द्र पर जाना पड़ता है। तौल के समय ट्रैक्टर से ट्राली को अलग करने और दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया में काफी समय बर्बाद होता है और अक्सर हादसे भी हो जाते हैं। इससे किसानों को शारीरिक व आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि गन्ना किसान दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार करता है। तौल प्रक्रिया के दौरान उसकी सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। यदि तौल केन्द्रों पर बड़े और कम्प्यूट्रीकृत कांटे लगाए जाएं तो न केवल समय की बचत होगी बल्कि हादसों की संभावनाएं भी समाप्त होंगी। मैंने यह मांग किसानों के हित और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाई है।
प्रधान द्वारा लिखे गए इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड, गन्ना मंत्री, आयुक्त गन्ना विकास, जिलाधिकारी हरिद्वार और उपजिलाधिकारी लक्सर को भी भेजी गई है।
राजकुमार सतपाल धर्मपाल एडवोकेट मनोज चौधरी जनेश्वर कुलदीप चौधरी सुरेश चौधरी नरेश सहित कई किसानों ने ग्राम प्रधान की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो उन्हें काफी राहत मिलेगी।

