निजी अस्पतालों में गरीबाें का इलाज सुनिश्चित करने काे लेकर केंद्र और राज्यों को नोटिस
याचिका मैग्सेसे अवार्ड विजेता संदीप पांडेय ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि इन निजी अस्पतालों को सरकार से बेहद किफायती या टोकन रेट पर जमीन इस वादे के साथ मिली थी कि वो गरीब तबके का मुफ्त इलाज करेंगे लेकिन बड़ी संख्या में अस्पताल इसका पालन नहीं कर रहे हैं।
याचिका में मांग की गई है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को निर्देश दिया जाए कि वो निजी अस्पतालों में गरीबों को इलाज दिलाने के लिए एक केंद्रीय स्तर पर मेकानिज्म तैयार करे। इसकी मानिटरिंग के लिए सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश एक स्वतंत्र कमेटी का गठन करें जो समय-समय पर इन अस्पतालों का आडिट करे।
अगर कोई अस्पताल दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता पाया जाए तो मानिटरिंग कमेटी उसकी शिकायत संबंधित हाई कोर्ट में करे। अगर कोई अस्पताल चेतावनी देने के बाद भी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसकी लीज रद्द कर सरकार उसे अपने कब्जे में ले।

