हिसार : सरकार मुआवजे के नाम पर बाढ़ पीड़ितों से किया मजाक: बृजलाल
है कि भाजपा सरकार बाढ़ पीड़ितों की पीड़ा और दुख को समझने की बजाय उनका मज़ाक बना
रही है। सरकार द्वारा घोषित मुआवज़ा राशि पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने के बराबर
है।
बृजलाल बहबलपुरिया मंगलवार काे शहर के वार्ड 18 एवं शास्त्री नगर में जलभराव की स्थिति
का जायजा लेते हुए क्षेत्रवासियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मृतक परिवार
को मात्र चार लाख रुपये देने का ऐलान सरकार की संवेदनहीनता दर्शाता है। उन्होंने मांग
की कि मृत्यु उपरांत कम से कम 15 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाए। इसी प्रकार अंग हानि
पर 74 हज़ार से 2.50 लाख रुपये देना क्रूर मज़ाक है, जबकि 60 प्रतिशत से कम अंग हानि
पर तीन लाख और उससे अधिक पर छह लाख रुपये दिए जाएं। उन्होंने कहा कि पक्का मकान बनाने
में व्यक्ति जीवनभर की कमाई खर्च करता है, लेकिन सरकार 1.20 या 1.30 लाख रुपये और कच्चे
मकान पर 5 से 10 हज़ार रुपये तय कर रही है।
व्यापारियों, दुकानदारों और उद्योगों को अधिकतम 3 लाख रुपये तक देना सरासर
अन्याय है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारिक हानि का शत-प्रतिशत मुआवज़ा
मिलना चाहिए। किसानों को फसल हानि पर मात्र 7 से 15 हज़ार रुपये प्रति एकड़ देना खुला
धोखा है। ऐसे में प्रति एकड़ 50 हज़ार से एक लाख रुपये तक मुआवज़ा दिया जाए। पशुधन
पर 32 से 37 हज़ार रुपये देना भी बेहद शर्मनाक है। बड़े पशु पर एक लाख, दूध न देने
वाले पशु पर 50 हज़ार और मुर्गी पालन पर कम से कम 20 हज़ार रुपये दिए जाए।
इस अवसर पर उनके साथ कैप्टन राजवीर सिंह, प्रधान रोशन लाल, सुरेश वाल्मीकि,
शशिकांत शर्मा, सतबीर कांगड़ा, मनोज राणा, सचिन राणा, तरसेम, शुभम कुमार, चन्द्र शेखर
सहित कांग्रेस कार्यकर्ता एवं वार्डवासी मौजूद रहे।

