Uttarakhand

आपदा प्रभावित एवं भूस्खलन क्षेत्रों का सर्वेक्षण

इसके बा आपदा प्रभावित एवं भूस्खलन क्षेत्रों का भ्रमण एवं सर्वेक्षण किया। सचिव एचआरडीए मनीष कुमार सिंह ने मानसून काल में हुए नुकसान के बारे में पॉवर पॉइन्ट प्रजेन्टेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में सीबीआरआई के चीफ साइंस्टि डॉ. अजय चौरसिया ने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय से बरसात के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में आने वाली बाढ़ तथा होने वाले नुकसान को रोकने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाकर केंद्र सरकार को भेजें।उन्होंने कहा कि हमारे एसेस्ट इस प्रकार के होने चाहिए कि भविष्य में आपदा की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि नदियों के तटबन्ध से सम्बन्धित प्रस्ताव भी प्रस्तावित की जाये। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में वॉश आउट हुई सड़कों के लिए भी स्थायी समाधान हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये ताकि भविष्य में मार्ग बाधित न हो। उन्होंने कहा कि आंकलन प्रोपर किया जाये तथा जिस श्रेणी का कार्य है, उसे उसी श्रेणी में प्रस्तावित किया जाये।

उन्होंने कम्यूनिकेशन हेतु प्लान बी के तहत भी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने सीवर, ड्रेनेज तथा एसटीपी निर्माण से सम्बन्धित कार्यों हेतु भी कार्य योजना के बारे महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। उन्होंने विद्युत, पिटकुल, सिंचाई, लोनिवि, शिक्षा, चिकित्सा, बाल विकास, सिंचाई सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने पीडीएमए से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

भीमगोड़ा पुल के पास बार-बार रेलवे ट्रेक पर गिर रहे मलवा स्थल तथा मंशा देवी क्षेत्र में भू-स्खलन सम्भावि क्षेत्रों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान इन समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु दिशा-निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, एनडीएम प्रोफेसर डॉ. गगनदीप, असि. प्रोफेसर एचपी यूनिवर्सिटी सहित जनपद के सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।