हरमनप्रीत सिंह ने पूरे किए 250 इंटरनेशनल कैप्स, एशिया कप में रचा इतिहास
मैच से पहले टीम के चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने उन्हें विशेष 250वां जर्सी भेंट किया। घरेलू दर्शकों के सामने यह उपलब्धि हासिल कर भावुक हरमनप्रीत ने कहा, “यह मेरे लिए बेहद खास और भावनात्मक पल है। पिछले कुछ साल भारतीय हॉकी के लिए शानदार रहे हैं, खासकर दो ओलंपिक पदक जीतना और मेरी बेटी का मैचों में आकर मेरा उत्साह बढ़ाना मेरे लिए अविस्मरणीय रहा है।”
हरमनप्रीत ने 2015 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था और तब से भारतीय हॉकी की रक्षा पंक्ति और पेनल्टी कॉर्नर में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनके करियर की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं, इनमें गोल्ड मेडल (2015 जूनियर एशिया कप, 2016 जूनियर विश्वकप, 2017 एशिया कप, 2023 एशियाई खेल) और ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल (टोक्यो 2020 और पेरिस 2024) शामिल हैं। इसके अलावा, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और चैंपियंस ट्रॉफी में कई पदक भी दर्ज हैं।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ दिलीप तिर्की ने कहा, “भारत के लिए 250 मैच खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है। हरमनप्रीत की मेहनत और लगन ने भारतीय हॉकी को बेहतरीन नतीजे दिलाए हैं।” वहीं महासचिव भोला नाथ सिंह ने उन्हें “भारत का गौरव” बताया और कहा कि बहुत कम खिलाड़ी इतने मैच खेल पाते हैं।
हरमनप्रीत का यह मील का पत्थर न केवल उनके शानदार करियर को नई ऊंचाई देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को भी प्रेरित करता है।

