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एमजेपीआरयू में शुरू हुआ कृषि का उच्च अध्ययन, छात्रों को मिला करियर निर्माण का मंत्र

संकाय की ओर से छात्रों के लिए सात दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अंतिम दिन डायरेक्टरेट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस (डीआईआर) के सहयोग से विशेष इंटरएक्टिव सत्र हुआ। मुख्य अतिथि प्रो. गजेन्द्र सिंह, पूर्व उप महानिदेशक (इंजीनियरिंग), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली एवं पूर्व कुलपति, दून विश्वविद्यालय रहे। उनका स्वागत संकाय के डीन प्रो. उपेन्द्र कुमार ने किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की सभी सुविधाओं का उपयोग करते हुए छात्रों को वैज्ञानिक और उद्यमी बनने का लक्ष्य रखना चाहिए, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकें।

इंटरएक्टिव सत्र में प्रो. गजेन्द्र सिंह ने कृषि क्षेत्र में भारत और विदेश दोनों स्तरों पर उपलब्ध करियर संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कृषि ऐसा क्षेत्र है जो रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता और शोध के असीम अवसर प्रदान करता है। छात्रों के सवालों का उन्होंने धैर्यपूर्वक समाधान किया और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर प्रो. एस.एस. बेदी ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और डीआईआर की भूमिका पर जानकारी दी। कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय व डीआईआर के संयुक्त तत्वावधान में रोहिलखंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन सम्मेलन कक्ष में हुआ। मंच संचालन डॉ. अतुल कटियार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रीति यादव ने दिया।

इस मौके पर प्रो. आलोक श्रीवास्तव, प्रो. संजय गर्ग, प्रो. जे.एन. मोर्या समेत बड़ी संख्या में प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।