हिट एंड रन केस के मामले में हाईकोर्ट ने विवेचना अधिकारी को डायरी पेश करने के दिए आदेश
पीड़ित पिता ने का आरोप है कि वह हादसा नहीं हत्या थी, वो मना करते रहे फिर भी ड्राइवर ने जानबूझकर उनके मासूम बेटे पर कार चढ़ाकर उसकी हत्या कर दी, और अब पुलिस आरोपी को फायदा पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
कोतवाली थानांतर्गत दरहाई निवासी सौरभअग्रवाल की ओर से दायर इस अपील में कहा गया है कि 05 नवंबर 2024 की रात करीब 9:30 बजे वो अपनी पत्नी और 3 साल के बेटे के साथ ई स्कूटर से जा रहे थे। अहिंसा चौक स्थित जल टंकी के पास एक एसयूवी ने उनके वाहन को टक्कर मारी, जिससे उसका तीन साल का बेटा हवा में उछलकर गिर गया। आवेदक का आरोप है कि उसने एसयूवी चला रहे व्यक्ति से गाड़ी न बढ़ाने की गुहार लगाई, लेकिन उसने जानबूझकर गाड़ी आगे बढ़ाकर उसकी पत्नी और बच्चे को कुचल दिया। इससे बच्चे की मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। आरोपी की पहचान रेलवे के सेक्शन इंजीनियर विजयंत गंगेले के रूप में हुई, जो विजय नगर के ही एकता चौक में रहता है।
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने पीड़ित पिता के आरोपों को संजीदगी से लेते हुए मामले के विवेचना अधिकारी को केस डायरी के साथ हाजिर होने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।

