Rajasthan

भरतपुर का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान गुलज़ार, घना में झीलें लबालब, पेंटेड स्टॉर्क की संख्या रेकॉर्ड

घना में इस बार सबसे बड़ा आकर्षण पेंटेड स्टॉर्क बने हैं। सामान्यत: अगस्त के बाद इनका आगमन शुरू होता है, लेकिन लगातार हुई बारिश की वजह से इनकी संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। फिलहाल करीब 1200 पेंटेड स्टॉर्क उद्यान में गिने गए हैं। दक्षिण भारत से आने वाले ये खूबसूरत पक्षी अब झीलों और तालाबों के किनारे बड़ी आसानी से देखे जा सकते हैं। आगामी दाे अक्टूबर से यहां वाइल्ड लाइफ वीक की शुरुआत होगी। इस दौरान स्कूली बच्चों को नि:शुल्क भ्रमण कराया जाएगा, ताकि वे इस प्राकृतिक धरोहर को करीब से समझ सकें। सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रम में पेंटिंग, फोटोग्राफी और साइकिल रैली जैसी गतिविधियों के जरिए जैव-विविधता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। उद्यान प्रशासन ने इसके लिए बुकलेट और चेकलिस्ट भी तैयार करवाई है।

वन्यजीव अधिकारी मानस सिंह का कहना है कि केवलादेव की खूबसूरती सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया में अपनी पहचान रखती है। बच्चों को नि:शुल्क भ्रमण कराने का उद्देश्य यही है कि आने वाली पीढ़ी इस धरोहर के महत्व को समझ सके और इसे संरक्षित रखने की जिम्मेदारी महसूस करे। लगभग 28.73 वर्ग किलोमीटर में फैला यह उद्यान वर्ष 1981 में संरक्षित पक्षी अभयारण्य घोषित किया गया था और 1985 में इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। करीब 250 वर्ष पहले विकसित किए गए इस उद्यान में आज 200 से अधिक प्रजातियों के पक्षी, 34 स्तनधारी, 57 प्रकार की मछलियां और लगभग 372 प्रजातियों की वनस्पति पाई जाती हैं।