मिजोरम से जुड़ा रेल
देश का एक विभिन्न अंग नार्थ ईस्ट के (सेविन सिस्टर स्टेट) का मुख्य राज्य मिजोरम जो कि सालों से रेल नेटवर्क से जुड़ा नहीं था! आज उस राज्य को भी देश ने वो सौगात दे दी जिसकी उम्मीद यहां की जनता अठहत्तर सालों से लगाई बैठी थी। ये रेल नेटवर्क 51.38 किलो मीटर का है, जिसमें लागत लगभग 5200 करोड़ रुपए की आई है, इस रूट पर पांच स्टेशन है, जो कि सायरंग से शुरू हो कर बाइरबी तक जाएगा जो कि आसमा का बॉर्डर है।
यहां से सिलचर,गुवाहाटी और दिल्ली के लिए रेल मार्ग को एक नया आयाम हासिल होगा। इस कार्य के मुख्य श्रेय देश के रेल मंत्रालय के अथक प्रयासों के साथ साथ इस रेल नेटवर्क के चालू होने में अगर सबसे बड़ा योगदान किसी को जाता है! तो वो है नॉर्दन फ्रंटियर रेल के विभाग के कर्मचारी से ले कर अधिकारियों को जाता है जिन्होंने सालों मेहनत कर कर आज ये कामयाबी सरकार को दिलाई है। इस रेल नेटवर्क से सरकार और दूसरा यहां के कारोबार को भी फायदा पहुंचेगा जिससे मिजोरम के व्यवसाय को सुगम और सरल बनाने के नए कयास लगाए जा रहे है।
सायरंग स्टेशन से आइजॉल जो प्रदेश की राजधानी है मात्र 20 किमी. की दूरी पर है, वहीं एयरपोर्ट मात्र 13 किमी. पर है। इस रेल मार्ग की बुनियाद वर्ष 2008 में रखी गई थी जो अब जा कर पूरी हुई, इस कार्य के पूरे होने में देरी होने की सबसे बड़ी एक वजह ये है, कि पहाड़ों में टनल और ब्रिज का होना है जिसको बनाने में लंबा समय लगा। इस रूट पर छोटी मोटी 48टनल है वहीं लगभग छोटे बड़े मिला कर 142 ब्रिज है। उम्मीद है सितम्बर माह के दूसरे सप्ताह में इसका रेल नेटवर्क को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हरी झंडी दिखा के कर उद्घाटन हो सकता है।
उसके बाद प्रदेश की जनता को एक नया सुगम साधन मिल जाएगा। जिससे उनके लिए देश की राजधानी दिल्ली दूर नहीं होगी, अभी जानकारी के मुताबिक दिल्ली,गुवाहाटी के साथ साथ कलकत्ता और मुंबई के लिए कई नई रेल गाड़िया चलाई जा सकती हैं, जिस पर अभी मंत्रालय विचार कर रहा है। एन एफ आर के पी ऑर ओ ने ये सब जानकारी देते हुए कहा कि ये रेल नेटवर्क वर्क नॉर्थ ईस्ट के लिए एक नया सवेरा साबित होगा।

