मशीन में फंसी साड़ी, खिंचती चली गई महिला; मौके पर मौत
थानाधिकारी हुकम सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में सोप स्टोन का पाउडर बनाने का काम होता है। तड़के करीब 3 बजे कमला काम कर रही थी, तभी अचानक उसकी साड़ी मशीन के रोलर में फंस गई। महिला का पेट का हिस्सा कट जाने से उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
पति का भी फैक्ट्री में हुआ था हादसा
कमला का पति मानसिंह मीणा भी इसी फैक्ट्री में कार्यरत है। कर्मचारी यूनियन नेता पुष्कर जोशी के अनुसार, दो वर्ष पूर्व काम के दौरान मानसिंह का हाथ कट गया था। उस समय फैक्ट्री प्रबंधन ने करीब 25 हजार रुपए मुआवजा दिया था, जिसकी राशि बाद में उसकी तनख्वाह से किस्तों में काट ली गई। अब पत्नी की मृत्यु के बाद पूरे परिवार का भार उसी पर आ गया है। परिवार में दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें से एक की उम्र महज एक वर्ष है।
धरने के बाद 11 लाख मुआवजे पर समझौता
हादसे के बाद मृतका के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए तथा उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना था कि पति पहले से ही एक हाथ से अक्षम है, ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। उनका मानना था कि कम से कम 50 लाख रुपए मुआवजा मिलना चाहिए।
पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में फैक्ट्री प्रबंधन और परिजनों के बीच वार्ता हुई। अंततः 11 लाख रुपए मुआवजे पर सहमति बनी। इसके बाद धरना समाप्त किया गया। पुलिस अब जांच कर रही है कि फैक्ट्री को रातभर संचालन की अनुमति है या नहीं।

