Delhi

पर्यावरण मंत्री सिरसा ने की दिल्ली के एक्शन प्लान की समीक्षा

पर्यावरण विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें 2050 तक के जलवायु पूर्वानुमान और विभिन्न क्षेत्रों में अपनाए जाने वाले अनुकूलन और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उपायों से अवगत कराया। मंत्री ने कहा कि दिल्ली की जनहित-केंद्रित सरकार हर नीति की बहुस्तरीय समीक्षा करके ही उसे लागू करेगी, जिससे वायु गुणवत्ता बेहतर हो और जलवायु की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि हम केवल बातें नहीं बल्कि धरातल पर असर दिखाने वाले कदम उठाएंगे।

बैठक की शुरुआत दिल्ली की जलवायु संवेदनशीलता पर प्रस्तुति से हुई, जिसमें बढ़ती हीट-स्ट्रेस, शहरी बाढ़, जल-संकट और ऊर्जा-मांग के तेज इजाफे से जन-स्वास्थ्य व आधारभूत ढांचे पर पड़ने वाले खतरों को चर्चा में शामिल किया गया। मंत्री ने कहा कि इन जुड़ी हुई चुनौतियों के कारण अनुकूलन और उत्सर्जन कटौती दोनों को तेजी से आगे बढ़ाना जरूरी है। ऊर्जा एवंं बिजली चर्चा में एलईडी बल्ब-विस्तार, स्मार्ट मीटरिंग, बिजली आपूर्ति दक्षता और ग्रीन मॉबिलिटी के लिए चार्जिंग ढांचे की प्रगति पेश की गई। नवीकरणीय ऊर्जा बढ़ाने और हीट वेव झेलने के लिए ग्रिड मजबूती के उपाय भी सामने रखे गए। शहरी नियोजन में ठोस-कचरा प्रबंधन, पुरानी डंपसाइट की बायो-माइनिंग, एसएंडडी व ई-कचरा निपटान, साथ ही नालियों के सुधार और यमुना फ्लड प्लेन की सुरक्षा पर चर्चा हुई। मंत्री ने तकनीकी रूप से ठोस दिखने वाली योजनाओं में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाने पर जोर दिया।

परिवहन सत्र में निजी वाहन निर्भरता कम करने, स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन-बेड़े व चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाने की रणनीति पर विचार हुआ। स्वास्थ्य प्रस्तुति में हीट अलर्ट प्रणाली और रोग निगरानी मज़बूत करने के कदम शामिल थे। साथ-साथ, वन व जैव-विविधता, कृषि-बागवानी और जल क्षेत्र पर भी चर्चा हुई—जिसमें वृक्षारोपण अभियानों, जल-निकाय पुनर्जीवन, भू-जल प्रबंधन और पानी की बचत वाले खेती के तरीकों को रेखांकित किया गया। यमुना कार्य-योजना, हीट एक्शन प्लान और वायु-प्रदूषण शमन योजना को पारस्परिक रूप से महत्त्वपूर्ण बताते हुए मंत्री ने प्रगति-निगरानी को पारदर्शी रखने के निर्देश दिए।

अंत में सिरसा ने अधिकारियों से कहा कि संशोधित एसएपीसीसी और उसका कार्यान्वयन कार्यक्रम शीघ्र ही पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को अंतिम अनुमोदन के लिए भेजा जाए। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली को जलवायु-सुरक्षित बनाने के लिए हमें कल का इंतजार नहीं, आज ही निर्णायक कदम उठाने होंगे, ताकि हर दिल्लीवासी स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य पा सके।