Delhi

दक्षिण सूडान के उपराष्ट्रपति मचार पर देशद्रोह और हत्या का मुकदमा

यह मामला राष्ट्रपति साल्वा कीर और मचार के गुटों के बीच पुराने राजनीतिक विवाद को और भड़का सकता है। दोनों पक्ष 2013 से 2018 के बीच हुए गृहयुद्ध में आमने-सामने थे, जिसमें करीब 4 लाख लोगों की जान गई थी। मचार को मार्च से ही नजरबंद रखा गया है।

न्याय मंत्री ने बताया कि सबूतों से पता चलता है कि व्हाइट आर्मी मचार और उनके सहयोगियों के प्रभाव में काम कर रही थी। हालांकि उन्होंने कहा कि यह मामला अब न्यायालय के विचाराधीन है और इस पर सार्वजनिक टिप्पणी सीमित की जाएगी।

मचार को शांति समझौते के तहत उपराष्ट्रपति पद पर बहाल किया गया था, लेकिन राष्ट्रपति साल्वा कीर और उनके बीच तालमेल लगातार कमजोर रहा है। देश में समय-समय पर हिंसा भड़कने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।

इस मामले में मचार के साथ पूर्व पेट्रोलियम मंत्री पूट कांग चोल सहित 20 लोगों पर अभियोग लगाया गया है। इनमें से 13 अभी फरार बताए जा रहे हैं। स्थानीय संगठनों ने अपील की है कि मुकदमा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चलाया जाए, ताकि यह “कंगारू कोर्ट” साबित न हो।