मैहर: शारदा मंदिर जाने वाली सड़क निर्माण पर उठे सवाल, हाईकोर्ट ने जताई सख्त नाराजगी
याचिका में यह भी कहा गया है कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते जल निकासी और फुटपाथ जैसी मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। इस पर मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से सड़क निर्माण के मानक प्रस्तुत करने को कहा।
इसके साथ ही अदालत ने टिप्पणी की कि “पुरानी सड़कों को खोदे बिना उन पर नई परतें चढ़ाना आम प्रथा बन चुकी है। इससे सड़कें मकानों और दुकानों से ऊँची हो जाती हैं और बारिश में पानी भरने की समस्या खड़ी हो जाती है। ऐसी स्थिति में प्रशासन हाथ खड़े कर देता है, जो गलत है।”
सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जयंत प्रकाश पटेल मंगलवार को पेश हुए। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

