हरियाणा के दो युवक रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे, भारत सरकार से मदद की गुहार
अंकित के भाई रघुवीर जांगड़ा ने बताया कि उसके पिता चिनाई मिस्त्री हैं जबकि मां सुशीला देवी गृहणी हैं। वह दो भाई हैं। उसका छोटा भाई अंकित 12वीं पास करके 15 फरवरी 2025 को स्टडी वीजा पर रुस गया था। उसने मॉस्को शहर के एमएसएलयू कॉलेज में लेंग्वेज कोर्स में दाखिला लिया था। दूसरा युवक विजय भी इसी तरह स्टडी वीजा पर गया। रघुवीर ने बताया कि उसके भाई ने उन्हें बताया है कि उन्हें एक महिला ने लालच देकर फंसाया है। उनसे कहा गया कि उन्हें रशियन आर्मी में नौकरी दिलवाई जाएगी। तीन महीने की ट्रेनिंग के बाद ढ़ाई लाख रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इसको लेकर धोखे से उनसे कॉन्ट्रेक्ट पर साइन करवा लिए गए। रघुवीर ने बताया कि 15-15 लोगों के तीन बैच बनाए गए हैं। सबसे पहले बैच में उनका भाई अंकित व गांव का ही विजय भी शामिल हैं। बताया गया है कि 15 में से 5 लडक़ों की मौत हो चुकी है। रघुवीर ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने सीएम से भी मुलाकात की है। उन्हें विश्वास है कि भाजपा सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी और दोनों युवकों को सुरक्षित भारत लाया जाएगा।
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