National

बालूशाही में कमाल वहीं है हीरा लाल..!


दिल का रास्ता पेट से होकर जाता है।
ये बात जानते सभी लोग हैं
पर इस पर अमल कुछ ही लोग कर पाते है
ये बात पंडित हीरा लाल जी बहुत कम उम्र में ही ताड़ गए थे
और साल 1912 में राजस्थान के एक छोटे से गांव से निकल कर फिर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सलेमपुर गांव से होते हुए दिल्ली के शाहदरा में आ कर अपना डेरा डाल लिया था
जिस दौर में दिल्ली अग्रेजों से अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था वहीं पंडित हीरा लाल जी मिठाई के कारोबार में अपना हाथ साफ कर रहे थे!
तभी उन्होंने बालूशाही को उस समय की सबसे बहुचर्चित मिठाई होती थी
जिसके बिना आज भी शादी की भाजी अधूरी रहती है
उसमें महारथ हासिल कर कर
अग्रेजों को भी अपनी मिठाई का मुरीद बना लिया था और देश की आजादी की तारीख आते आते साल 15 अगस्त 1947 तक इनकी दुकान की मिठाई से ही देश में मिठास फैलाते हुए आजादी का बिगुल फूंका।
एक दौर से नेहरू जी,इंदिरा गांधी भी इनकी दुकान की बालूशाही से लेकर हर मिठाई की मुरीद रही और ये सिलसिला आज भी जारी है अरुण जेटली से लेकर बीजेपी के बड़े से बड़े कद्दावर नेता इनकी मिठाई मंगाते रहे है वहीं पुराने जमाने से ले कर आज तक सारी फिल्मी हस्तियां भी इनकी मिठाई से खुद को दूर नही रख सकी है
शायद ही दिल्ली एन सी आर का कोई ऐसा शख्स होगा
जो इनकी दुकान की मिठाई का स्वाद न ले सका हो
आज पंडित हीरा लाल जी की चौथी पीढ़ी व्यापार को संभाल रही है और दिल्ली शाहदरा से शुरू हुआ ये सफर आज एन सी आर में अपने पैर पसार चुका है
जब हमने उनके प्रपौत्र पंडित मिक्की शर्मा जी से इसके बारे में पूछा तो उन्होंने बताया ये हमारा पुश्तैनी व्यवसाय है जिसे हम लोग पूरी शिद्दत से आगे बढ़ा रहे है
आज भी पूरी मेहनत से वही मिठास अपने ग्राहकों के घर तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे है
उनसे बात करते हुए हमें एक दिलचस्प बात जानने को मिली कि उनके व्यापार में आज भी उनके परदादा के जमाने से चली आ रही लेबर की चौथी और पांचवीं पीढ़ी भी आज भी व्यवसाय में परिवार की तरह जुड़ी हुई है वहीं ग्राहक भी पीढ़ी दर पीढ़ी हमारे साथ सालों से अपने खट्टे मीठे अनुभव के साथ जुड़े हुए है
आज भी बहुत से ग्राहक ऐसे है जो हमारे दादा जी की उम्र के है और अपने बचपन की हमारी पुरानी दुकानों के किस्से अक्सर कर साझा करते रहते है
जिससे हमें सुनकर अपने पूर्वजों पर गौरवान्वित होने और फर्क करने अवसर मिलता है।
हीरा लाल स्वीट्स पर करीब पचास तरीके के शुद्ध देशी घी के मिष्ठान रहते हैं
वहीं गुणवत्ता में वह कोई भी समझौता नही करते है
वहीं उनका कहना है कि हमारे यहां का नाश्ता बेढ़ाई सब्जी और लस्सी पी कर ग्राहक छक जाता है फिर उसे पूरे दिन भूख नही लगती है
साथ ही शाम के नाश्ते में चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए 7 इंची समोसा शाम को और हसीन बना देता वही बच्चों को जलेबी की देशी घी की खुशबू अक्सर दुकान पर खड़े होकर कभी महसूस नही होने देती कि आप प्रदूषित शहर में हो।
अंत में जब मिक्की शर्मा जी से हमारी बात राजनीति पर हुई तो उन्होंने कम शब्दों में बड़ी मीठी बार कही
हमारा परिवार सदा से सामाजिक रूप से राजनीतिक रूप से सक्रिय था और आगे भी रहेगा हमारी सभी पार्टियो से अच्छे संबंध है
वही मैं देश के लोगों से भी यही बात कहूंगा कि हमारे ब्रांड को बड़ा बनाने में मीडिया जगत से लेकर नेता अभिनेता सभी बिरादरी भाई बंधु का योगदान रहा है जिसके हम सदा आभारी रहेंगे। और सभी देश वासियों से अपील करेंगे कि हमारी मिठाई की तरह देश में भी आपसी भाई चारे की मिठास घुली रहें।