हिसार : आईपीएस की मौत की निष्पक्ष जांच की जाये : जनवादी महिला समिति
वाई पूरण कुमार की मौत पर दुख व रोष प्रकट करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की
मांग की है। जनवादी महिला समिति उनकी पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार और अन्य
परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है।
समिति की जिला अध्यक्ष शकुंतुला जाखड़, सचिव बबली लाम्बा, निर्मला केशियर,
सर्वजीत कौर, विद्या, जैस्मिन, सुमन ने शनिवार काे उपायुक्त के कैंप कार्यालय में ज्ञापन देने
के बाद संयुक्त बयान में बताया कि आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार ने आत्महत्या नहीं
की है बल्कि यह संस्थागत हत्या है। उन्होंने सुसाइड नोट में कई आईपीएस और आईएएस अधिकारियों
पर गंभीर आरोप लगाए हैं जिन्होंने उनका उत्पीडऩ किया। वह बार-बार इन अधिकारियों की
शिकायत करते रहे परंतु राज्य सरकार द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। यह बहुत शर्मनाक
है कि सरकारी तंत्र में बड़े पद पर बैठे इस पुलिस अधिकारी को इस हद तक जातिगत भेदभाव,
अपमान और उत्पीडऩ झेलना पड़ा कि उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। एडीजीपी वाई पूरण
कुमार की इस दर्दनाक मौत ने हर संवेदनशील नागरिक को झकझोर कर रख दिया है।
संगठन की नेताओं ने कहा कि एक तरफ हमारी शासक पार्टी विकास की डींगें हांकने
में लगी हुई है, दूसरी तरफ जाति व धर्म के नाम पर उत्पीडऩ के मामले बढ़ रहे हैं। सत्ता
के संरक्षण में जात-पात को मजबूत किया जा रहा है। पिछले दिनों चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने
की घटना इसी नफरती जहर का नतीजा है। जनवादी महिला समिति मांग करती है कि एडीजीपी वाई
पूरण कुमार के मामले की समयबद्ध निष्पक्ष जांच करते हुए सभी दोस्तों के खिलाफ कड़ी
से कड़ी कार्रवाई की जाए। उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। समाज में जाति
और धर्म के नाम पर तेजी से बढ़ाई जा रही नफरत पर रोक लगाई जाए।

