शिमला : बच्चे की कांटेदार झाड़ी से पिटाई के आरोप में शिक्षिका और दो अन्य पर एफआईआर दर्ज
पुलिस के अनुसार यह मामला थाना रोहड़ू में दर्ज किया गया है। इस एफआईआर में धारा 115(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) और धारा 75 जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत प्रावधान लगाए गए हैं। यह कार्रवाई चाइल्ड वेलफेयर कमेटी शिमला की चेयरपर्सन संतोष शर्मा की ओर से भेजी गई ईमेल शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में कहा गया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला व पुरुष कुर्सियों पर बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि एक अन्य महिला, जो बाद में स्कूल की मुख्य अध्यापिका निकली औऱ उसने कांटेदार झाड़ी से एक छोटे बच्चे को बेरहमी से मार रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि यह घटना 2 जुलाई 2025 को सरकारी प्राथमिक विद्यालय गावाना में हुई थी। पुलिस के अनुसार बच्चे के शरीर पर झाड़ी से पिटाई के निशान भी पाए गए थे। वीडियो के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपित मुख्य अध्यापिका को निलंबित कर दिया।
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा शिमला ने इस घटना को गंभीर अनुशासनहीनता और शिक्षकीय आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि यह ‘बालकों के नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009’ की धारा 17 के तहत स्पष्ट अपराध है, जिसमें किसी भी छात्र को शारीरिक दंड देना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। निलंबन अवधि के दौरान आरोपित शिक्षिका का मुख्यालय खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सराहन कार्यालय निर्धारित किया गया है और बिना पूर्व अनुमति के वे वहां से बाहर नहीं जा सकेंगी।
वहीं, पुलिस ने इस पूरे मामले में न केवल शिक्षिका बल्कि वीडियो में मौजूद अन्य दो लोगों को भी सह-अभियुक्त बनाया है, क्योंकि दोनों घटना के समय मौके पर मौजूद थे और पिटाई रोकने का का कोई प्रयास नहीं किया। पुलिस थाना रोहड़ू के अधिकारी मामले की गहन जांच कर रहे हैं।

