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सीएम का विजन हुआ कारगर, महिलाएं चल पड़ीं स्वावलंबन की डगर

बुंदेलखंड की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की तर्ज पर गोरखपुर में गठित श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एमपीओ) ने अपनी क्रियाशीलता के 22 महीने में जो नतीजे दिए हैं, वह खासे उत्साहजनक हैं। इस एमपीओ ने अपने पहले ही पूर्ण वित्तीय वर्ष के लिए, दीपावली पर पात्र महिला शेयरहोल्डर्स को 53.16 लाख रुपये की निष्ठा प्रोत्साहन राशि और लाभांश का वितरण कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को कारगर सिद्ध किया है। प्रोत्साहन राशि और लाभांश का वितरण इस बात का भी प्रमाण है कि पशुपालन, दूध उत्पादन से जुड़कर मंडल की हजारों महिलाएं स्वावलंबन की डगर पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही हैं।

श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से किया गया है। इस एमपीओ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) धनराज साहनी बताते के अनुसार क्रियाशीलता के सिर्फ 22 महीने में गोरखपुर मंडल की 31 हजार महिलाएं इससे जुड़कर अपनी आर्थिकी मजबूत कर रही हैं। एमपीओ का अबतक टर्नओवर 125 करोड़ रुपये का है। अबतक एमपीओ द्वारा सौ करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान महिला शेयरहोल्डर्स को किया जा चुका है। संस्था से जुड़ी महिलाएं प्रतिदिन 65 हजार लीटर से अधिक दूध का संग्रह करती हैं। एमपीओ से जुड़ी करीब 19 सौ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इस एमपीओ का कार्यक्षेत्र मंडल के चार जिलों गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर है। एमपीओ द्वारा 500 से अधिक मिल्क पूलिंग पॉइंट्स के माध्यम से संग्रहित दूध की आपूर्ति मदर डेयरी को की जाती है। लखपति दीदियों के अलावा एमपीओ से जुड़ी अन्य महिलाएं भी औसतन महिलाओं प्रतिमाह सात से आठ हजार रुपये की आय घर बैठे प्राप्त कर रही हैं।

एमपीओ के सीईओ ने बताया कि इस दीपावली पर पात्र महिला शेयरहोल्डर्स को 42 लाख 16 हजार 331 रुपये की निष्ठा प्रोत्साहन राशि तथा 11 लाख 320 रुपये शेयर पूंजी पर लाभांश दिया गया है। यह धनराशि उनके बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की गई है। निष्ठा प्रोत्साहन राशि महिलाओं को कारोबार में उनके योगदान के आधार पर दी गई जबकि इक्विटी शेयर पर लाभांश रुपये 8 प्रति शेयर की दर से दिया गया। इस एमपीओ के प्रति शेयर का अंकित मूल्य 100 रुपये है।

सीईओ ने कहा कि एमपीओ को यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से मिली है। उनकी प्रेरणा और सहकारिता आंदोलन के प्रति दूरदर्शी दृष्टिकोण के कारण ही आज ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।