सिरसा: गांव सुबाखेड़ा के पास नहर टूटने से खेतों में भरा पानी
किसानों के अनुसार नहर टूटने से तैयार धान की फसल को काफी नुकसान होने की आशंका है। किसान रविंद्र, किकर सिंह आदि ने बताया कि कुछ जमीन उनकी है तो कुछ जमीन उन्होंने ठेके पर लेकर धान की बिजाई की थी और धान पक तैयार था। किसानों ने बताया कि खेतों में पानी भरने से उन्हें काफी नुकसान हुआ अब धान की फसल काटने का काम देरी से काम चलेगा। किसानों ने बताया कि इससे पहले सुबह नहर में लीकेज हो गया था लेकिन समय रहते कसानों ने लीकेज को बंद कर दिया। इसके बाद आगे बुर्जी नंबर 52000 के पास नहर की पटरी में हुई लीकेज नहर टूट गई और आसपास खेतों में खड़ी फसलों में पानी जमा हो गया है।
खेतों में पक कर तैयार फसलों में पानी भरने पर किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों ने बताया कि मम्मड़ नहर में जब भी पानी आता है तभी यह टूट जाती है। सिंचाई विभाग को पता होने के बावजूद भी नहर की कमजोर पटरियों पर मिट्टी डालकर मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए जिस कारण मम्मड़ नहर बार-बार टूट जाती है। साथ ही किसानों ने बताया कि दो सप्ताह के बाद नहर में पानी आया था जिससे आज अनेकों किसान अपनी नहरी पानी की बारी लगाने से वंचित रह गए। नहर टूटने से टेल तक पानी न पहुंचने से किसानों को आगामी सरसों आदि फसलों की बिजाई करने में परेशानी होगी।

