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गैर इरादतन हत्या के दोषी को आठ वर्ष का कारावास

थाना जसराना के नगला मधु निवासी महावीर सिंह की बेटी की 8 मई 2015 को गांव में बारात आई थी। उसी दौरान गांव का ही जीवाराम पुत्र रामदास अपने बेटे आदित्य व चचेरे भाई के साथ बारात देख रहा था। तभी गांव का ही हेम सिंह पुत्र वहां आ गया। उसने शादी में फायरिंग की। उसकी गोली लगने से आदित्य (12) गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन आदित्य को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए। गंभीर हालत देख चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे आगरा रेफर कर दिया। आगरा में उपचार के दौरान आदित्य की मौत हो गई। परिजनों ने हेम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

पुलिस ने जांच के बाद हेम सिंह के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय संख्या 2 विमल वर्मा की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार यादव ने की। उन्होंने बताया कि मुकदमे के दौरान कई गवाहों ने गवाही दी। कई साक्ष्य न्यायालय के सामने पेश किए गए। गवाहों की गवाही तथा साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने हेम सिंह को गैर इरादतन दोषी माना।

न्यायालय ने उसे 8 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 2 लाख रुपया अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर उसे एक महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।