राज्य सरकार ने कहा सड़क हादसों को रोकने के लिए बना लिया है ड्राफ्ट
सुनवाई के याचिकाकर्ता ने कहा कि दुर्घटना के दो-चार दिन ही ट्रैफिक पुलिस विजिलेंट रहती है। वहीं बाद में हालात पहले की तरह हो जाते हैं। अभी भी सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। गौरतलब है कि पिछली सुनवाई पर खंडपीठ ने सड़क दुर्घटनाओं पर सख्ती बरतते हुए नेशनल व स्टेट हाइवे सहित इनकी सर्विस लाइन से सभी अतिक्रमणों को हटाने का निर्देश दिया था। वहीं केन्द्र व राज्य सरकार से हाइवे पर वाहनों के लेन सिस्टम व डीजीपी से पेट्रोलिंग करवाए जाने के संबंध में आगामी सुनवाई पर रोडमैप और रोड सेफ्टी एक्शन प्लान पेश करने के लिए कहा था। इससे पूर्व एडवोकेट राजेन्द्र शर्मा ने हाईकोर्ट को पत्र लिखकर प्रदेश में हो रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकारी प्रयासों को नाकाफी बताते हुए इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने की गुहार की थी।

