अमृतसर में दो ड्रग सप्लाई मॉड्यूलों का पर्दाफाश, 2.8 किलोग्राम आईसीई सहित दो गिरफ्तार
यह जानकारी शुक्रवार काे पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान गुरसेवक सिंह उर्फ सेवक निवासी गांव घरियाला, जिला तरन तारन और बलजीत सिंह निवासी गुरु नानकपुरा, अमृतसर के रूप में हुई है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी वर्चुअल नंबरों के माध्यम से पाकिस्तान-आधारित हैंडलरों से संपर्क में थे और पंजाब में नशीले पदार्थों की खेप प्राप्त एवं सप्लाई करते थे। वे शक से बचने के लिए अक्सर धार्मिक स्थलों के पास डिलीवरी पॉइंट का चयन करते थे।
डीजीपी ने कहा कि इस मामले की आगे की जांच जारी है ताकि इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। इन अभियानों के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पहले मामले में पुलिस ने विशेष गुप्त सूचना के आधार पर अमृतसर की दाना मंडी के पास नाका लगाया और गुरसेवक सिंह उर्फ सेवक को 40 ग्राम मेथामफेटामिन (आईसीई) सहित गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि आरोपी के खुलासे के आधार पर एक फलो-अप ऑपरेशन चलाया गया, जिसके नतीजे स्वरूप 1.96 किलोग्राम और आईसीई ड्रग बरामद की गई। सीपी ने बताया कि गिरफ्तार गुरसेवक सीमावर्ती क्षेत्र का निवासी है। वह वर्चुअल प्लेटफार्मों के माध्यम से पाकिस्तान स्थित तस्करों से लगातार संपर्क में था और अपने हैंडलर के निर्देशों के अनुसार खुद ही खेपें प्राप्त और डिलीवर करता था।
दूसरे ऑपरेशन के बारे में सीपी गुरप्रीत भुल्लर ने बताया कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने अमृतसर के रियान इंटरनेशनल स्कूल के पास वल्ला बाईपास रोड पर नाका लगाया और संदिग्ध बलजीत सिंह को 45 ग्राम आईसीई ड्रग सहित गिरफ्तार किया। आरोपी के खुलासे के आधार पर आगे की कार्रवाई में 770 ग्राम और आईसीई बरामद की गई। उन्होंने कहा कि सीमा पार स्थित हैंडलरों की पहचान करने, सप्लाई मार्गों का पता लगाने और पंजाब व पाकिस्तान-आधारित नेटवर्कों के बीच चल रही संपूर्ण सप्लाई चेन को उजागर करने के लिए जांच जारी है।

