Haryana

हिसार : रामायण टोल प्लाजा पर भिड़े रोडवेज व टोल कर्मचारी, हजारों यात्री परेशान

किया टोल जाम

हिसार, 13 नवंबर । राष्ट्रीय राजमार्ग

स्थित रामायण टोल प्लाजा पर हरियाणा रोडवेज बस और टोल कर्मचारियों के बीच झड़प हो गई।

विवाद बढ़ने पर हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने टोल की प्रत्येक लेन में बसों खड़ा कर

टोल प्लाजा को जाम कर दिया। टोल प्लाजा पर रोडवेज बस चालक व टोल कर्मी के साथ मारपीट

तथा टोल जाम किए जाने की सूचना मिलने पर सदर डीएसपी सिद्धार्थ बिश्नोई, सदर थाना प्रभारी

सब इंस्पेक्टर सुमेर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और रोडवेज कर्मचारियों को

समझा बुझाकर टोल प्लाजा की लेन में खड़ी बसों को वहां से हटवा कर यातायात व्यवस्था

को सुचारू करवाया।

मामले के अनुसार हरियाणा रोडवेज हांसी सब डिपो

की यह बस गुरुवार सुबह दिल्ली से सिरसा के लिए रवाना हुई थी। करीब 11 बजे

रामायण टोल प्लाजा पर निजी परिवहन समिति की बस के पीछे बस निकालने को लेकर यह घटना

हुई।

रोडवेज यूनियन के प्रधान सोनू मोर ने टोल कर्मचारियों की कार्यशैली पर नाराजगी

जताई। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों पर हमला निंदनीय है, जिसके विरोध में बसें

खड़ी कर जाम लगाया गया। मोर ने कहा कि सरकार द्वारा टोल प्लाजा बनाने का उद्देश्य आम

लोगों को सुविधा देना है, लेकिन यहां आए दिन जनता से झगड़ा कर उन्हें परेशान किया जाता

है।

टोल प्लाजा पर रहे करीब पौना घंटे तक जाम जाम

के दौरान टोल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लंबी लाइनें लग गई।‌ इसके चलते राहगीरों

व यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं जाम के दौरान टोल संचालन

पूरी तरह ठप्प रहा। रोडवेज बस चालक महेंद्र ने टोल कर्मचारियों पर मारपीट करने, बस

के शीशे तोड़ने और वर्दी फाड़ने का आरोप लगाया है।

वहीं, टोल प्रबंधन ने रोडवेज कर्मियों पर बंद

लेन से बस निकालने का आरोप लगाया। लेन कर्मचारी के अनुसार, बस चालक ने बंद लेन में

जबरन बस घुसाई और विरोध करने पर टोल कर्मचारी पर बस चढ़ाने का प्रयास किया तथा उसके

साथ हाथापाई की।

सदर थाना प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि रोडवेज

बस चालकों द्वारा टोल पर जाम लगाए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच रोडवेज

कर्मचारियों को समझा बुझाकर कर बसों को वहां से हटवा कर टोल संचालन फिर से शुरू करवा

दिया गया। उन्होंने बताया दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए और दोनों

पक्षों द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है। मामले की जांच के बाद दोषी पक्ष के खिलाफ उचित

कार्रवाई की जाएगी।