Rajasthan

शहर में अतिक्रमण को लेकर प्रवर्तन अधिकारी तलब

सुनवाई के दौरान नगर निगम आयुक्त गौरव सैनी और आवासन मंडल के अधिकारी पेश हुए। आवासन मंडल की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जीएस गिल ने अदालत को बताया कि मंडल कॉलोनियां विकसित कर उसे रखरखाव के लिए नगर निगम को हस्तांतरित कर देता है। वहीं नगर निगम की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता मनोज शर्मा ने अदालत को शहर के अतिक्रमण और उन्हें हटाने के लिए नगर निगम की ओर से की जा रही कार्रवाई से अवगत कराया। एएजी ने अदालत को यह भी बताया कि शहर में कई जगहों पर अस्थाई थड़ी-ठेला और फुटकर व्यवसायियों के लिए वेंडिंग जोन घोषित किए गए हैं। इस पर अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि इस समस्या का स्थाई रूप से समाधान किया जाना चाहिए। नगर निगम की ओर से यह भी कहा गया कि कई बार अवैध निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किया जाता है और निर्माण चालू रहता है। ऐसी स्थिति में निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और अवैध निर्माण पर की गई कार्रवाई की स्टेजवार सूचना मांगी गई है। इस पर अदालत ने 9 दिसंबर को निगम के प्रवर्तन अधिकारी को पेश होने के आदेश दिए हैं।