Uttarakhand

अलविदा धर्मेंद्र ! नैनीताल की यादों में अमर रहेंगे ‘हीमैन’, यहां फिल्माई थी अपनी सुपरहिट फिल्म ‘हुकूमत’

नगर के वरिष्ठ रंगकर्मी जहूर आलम और उद्घोषक हेमंत बिष्ट बताते हैं कि धर्मेंद्र अत्यंत सादगीपूर्ण और आत्मीय स्वभाव के व्यक्ति थे। वे प्रशंसकों से बड़े सहज भाव से मिलते और स्थानीय लोगों की बातों को ध्यान से सुनते थे। उनके निधन की खबर से नगर के रंगकर्मियों और प्रशंसकों में गहरा दुःख है। उस समय नगरवासियों ने उन्हें अभूतपूर्व स्नेह दिया था, जिसका प्रत्युत्तर वे अपने सरल स्वभाव से देते थे।

नगर की एक स्थानीय ट्रैवल कंपनी के स्वामी को भी फिल्म में एक छोटी भूमिका मिली थी, जिसे लोग आज भी गर्व से याद करते हैं। धर्मेंद्र की उपस्थिति से उस दौर में नैनीताल के पर्यटन को भी नयी गति मिली थी।

हुकूमत में शांति नगर के रूप में दिखाया गया था नैनीताल

वर्ष 1987 में प्रदर्शित उनकी सुपरहिट फिल्म ‘हुकूमत’ की शूटिंग 1984 मे नैनीताल के फ्लैट्स मैदान, माल रोड, राजभवन क्षेत्र और आसपास के अनेक दर्शनीय स्थलों पर हुई थी। लगभग एक माह तक नगर में प्रवास के दौरान वे सुबह-शाम फ्लैट्स मैदान में टहलते और स्थानीय नागरिकों व पर्यटकों से सहज भाव से मिलते थे। फिल्म में नैनीताल को ‘शांति नगर’ के रूप में दर्शाया गया था और इसकी पूरी कहानी इसी काल्पनिक नगर पर आधारित थी।

फिल्म के लोकप्रिय गीत-“ना जुल्म ना जालिम का अधिकार रहेगा, दुनिया में कुछ रहेगा तो बस प्यार रहेगा”, “इस अफसर का बज गया बाजा” और “राम राम बोल” नगर में ही फिल्माये गये थे। स्थानीय नागरिक बताते हैं कि उस समय नैनीताल उत्सव-सा माहौल लिये रहता था। फिल्म के कई प्रभावशाली एक्शन दृश्य भी नगर की सड़कों और घाटियों में शूट किये गये थे, जिनमें धर्मेंद्र की उपस्थिति स्थानीय लोगों के लिये रोमांचकारी अनुभव थी।

1987 की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म थी हुकूमत

उल्लेखनीय है कि ‘हुकूमत’ 1987 की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में रही और इसने उसी वर्ष प्रदर्शित लोकप्रिय फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ से भी अधिक लगभग 11 करोड़ रुपये की कमाई कर धर्मेंद्र के करियर में मील का पत्थर स्थापित किया। 2003 में आयोजित जी सिने अवार्ड्स में भी इसे भारतीय सिनेमा की प्रमुख फिल्मों में स्थान मिला। समीक्षकों ने फिल्म में धर्मेंद्र के संवाद, उनके दृढ़ व्यक्तित्व, भावनात्मक गहराई और अदायगी की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उनके साथ रति अग्निहोत्री, शम्मी कपूर, सदाशिव अमरापुरकर, प्रेम चोपड़ा, राजेंद्र नाथ और परीक्षित साहनी जैसे अनुभवी कलाकारों के अभिनय ने फिल्म को और मजबूती दी।

शूटिंग देखने इतनी भीड़ उमड़ी थी कि छत ही टूट गयी था

नैनीताल। फिल्म हुकूमत की शूटिंग के दौरान माल रोड व फ्लैट्स मैदान में फिल्माये गये एक एक दृश्य में धर्मेंद्र भ्रष्टाचारी अधिकारी बने अभिनेता सुधीर का सिर मुंडवाकर और गले में जूतों की माला डालकर ‘इस अफसर का तो बज गया बाजा’ गाते हुए जुलूस निकालते हैं। इस दृश्य के फिल्मांकन में जुलूस में नगर के बड़ी संख्या में आम लोग भी शामिल हुए थे और फिल्म की मल्लीताल रिक्शा स्टेंड के पास शूटिंग के दौरान इतनी बड़ी संख्या में लोग उमड़े थे कि एक छत ही टूट गयी थी, इस पर धर्मेंद्र ने स्वयं पास आकर पूछा था कि किसी को चोट तो नहीं आई।