आरटीई में प्रवेश के एंट्री लेवल पर सुनवाई पूरी
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने आरटीई के अंतर्गत प्रवेश को लेकर मंगलवार को अभ्युत्थानम सोसायटी व स्माइल फॉर ऑल सोसायटी की जनहित याचिकाओं तथा राज्य सरकार, निजी स्कूलों व अन्य प्रभावित व्यक्तियों की करीब 40 अपीलों पर सुनवाई की। जनहित याचिकाओं में कहा कि कई स्कूलों में पूर्व प्राथमिक कक्षाएं होने के कारण प्रवेश पहली कक्षा से पहले ही हो जाता है, जिसके कारण आरटीई में प्रवेश नहीं दिया जाता। निजी स्कूलों की ओर से कहा गया कि दो लेवल पर प्रवेश नहीं दिया जा सकता, एक ही कक्षा में प्रवेश होना चाहिए। स्कूलों के संसाधन सीमित हैं और राज्य सरकार ने फीस के पुनर्भुगतान को लेकर 2009 से लेकर अब तक कोई नियम नहीं बनाएं। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह नरूका ने कहा कि प्री प्राइमरी व पहली कक्षा दोनों लेवल पर आरटीई में प्रवेश हो तो प्री प्राइमरी में होने वाले प्रवेशों के लिए भी केन्द्र सरकार से निर्धारित फीस की पुनर्भुगतान राशि राज्य को दिलाई जाए। केन्द्र सरकार ने कहा कि आरटीई में प्रवेश की व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्यों की है, केन्द्र की नहीं।

