Rajasthan

डीजीपी बताए आईटी अपराध से जुडे पॉक्सो मामलों की जांच एसआई स्तर के निचले अधिकारी से क्यों- हाईकोर्ट

सुनवाई के दौरान अदालत के सामने आया कि पॉक्सो से जुडे इस अपराध में पीडिता का वीडियो भी वायरल हुआ था और मामले की जांच पुलिस उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी ने कर मामले में आरोप पत्र पेश किया है। जबकि पॉक्सो कानून के तहत जिन प्रकरणों में पॉक्सो के साथ ही आईटी एक्ट का अपराध होता है तो उस मामले की जांच पुलिस निरीक्षक स्तर से निचले स्तर का अधिकारी नहीं कर सकता। इसके साथ ही अदालत ने मामले में डीजीपी को तलब कर इस संबंध में जवाब देने को कहा है।

जमानत याचिका में अधिवक्ता भारत यादव ने कहा कि याचिकाकर्ता 19 साल का नवयुवक है और लंबे समय से जेल में बंद है। वहीं पीडिता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाए है। इसके साथ ही पुलिस ने जांच कर संबंधित अदालत में आरोप पत्र भी पेश कर दिया है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश चौधरी ने कहा कि आरोपी ने पीडिता के साथ पॉक्सो का अपराध करने के दौरान उसका वीडियो बनाया और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर उससे रुपये लिए और उसे होटल में भी बुलाया। ऐसे में आरोपित को जमानत का लाभ नहीं दिया जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने मामले की जांच निरीक्षक स्तर के बजाए एसआई स्तर के अधिकारी से कराने पर डीजीपी को तलब कर जवाब देने को कहा है।