वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को पीजी डिग्री करने पर तीन अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ दें-हाईकोर्ट
जयपुर, 27 दिसंबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रार्थी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को वित्त विभाग के 21 दिसंबर 2017 के परिपत्र के अनुसार पीजी डिग्री करने के बाद तीन अग्रिम वेतन वृद्धि देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अदालत ने प्रमुख चिकित्सा सचिव व निदेशक सहित संबंधित मेडिकल कॉलेज के रजिस्ट्रार को कहा है कि वह इन तीन अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ याचिकाकर्ता चिकित्सकों से नहीं वसूले। जस्टिस मुनेरी लक्ष्मण की एकलपीठ ने यह आदेश डॉ. राजेन्द्र सिंह लखावत व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता सुनील कुमार सिंगोदिया ने बताया कि याचिकाकर्ता वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी पद पर हैं। सेवा अवधि के दौरान उन्होंने चिकित्सा और सर्जरी में पीजी की थी। जिस पर नियमानुसार उनके मूल वेतन पर अग्रिम तीन वेतन वृद्धियों का लाभ देकर उनका वेतन नियमित किया गया। वहीं बाद में वित्त विभाग ने 26 जुलाई 2013 के परिपत्र का हवाला देते हुए उन्हें दिया तीन अग्रिम वेतन वृद्धियों का लाभ एक जनवरी 2018 से प्रभावी माना, जबकि यह पीजी डिग्री प्राप्त करने की तारीख से लागू माना जाना चाहिए था। वहीं विभाग ने प्रार्थियों को सुनवाई का मौका दिए बिना ही इसकी रिकवरी का आदेश जारी कर दिया। इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि किसी भी परिपत्र या आदेश को भूतलक्षी प्रभाव से लागू नहीं कर सकते। प्रार्थियों को पीजी डिग्री पास करने की तिथि से ही तीन अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ मिलना न्यायोचित है। इसलिए 21 मई 2025 के आदेश को सेवा नियमों के विपरीत होने के कारण रद्द किया जाए।

