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साइबर ठगी से जुड़े 6 अंतरजनपदीय अपराधी गिरफ्तार

शनिवार शाम पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान घटना के कुलसी के संबंध में पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह विभिन्न शहरों में जाकर लोगों को अधिक लाभ वाली काल्पनिक निवेश योजनाओं का झांसा देकर उनके—बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, खातों से जुड़े मोबाइल नंबर हथिया लेता था। इसके बाद इन खातों (फर्जी उपयोग वाले खातों) का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त राशि को एक खाते से दूसरे खाते में भेजने के लिए किया जाता था। खाता धारक को इसके बदले 5 से 10 प्रतिशत तक कमीशन दिया जाता था। गिरोह जनसेवा केंद्रों की पहचान संख्या और गुप्त पासवर्ड तक प्राप्त कर लेता था और इनके माध्यम से भी लेन-देन किए जाते थे।

ठगी का संचालन टेलीग्राम जैसे संचार मंच पर बनाए गए बंद समूहों के जरिये किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—11 एटीएम कार्ड, 07 मोबाइल फोन,14 सिम कार्ड,04 पासबुक,चेक बुक,पैन कार्ड,आधार कार्ड, तथा एक लग्जरी गाड़ी (ग्रैंड विटारा) बरामद की है। जांच में सामने आया कि गिरोह ने अब तक 45 से अधिक बैंक खातों, 0 जनसेवा केंद्र पहचान संख्याओं तथा विभिन्न राज्यों की शिकायतों के आधार पर करीब 11.95 करोड़ रुपये का गलत ढंग से लेन-देन किया है। सभी संबंधित खातों को फ्रीज़ कराने की कार्रवाई चल रही है।

–इनकी हुई गिरफ्तारी

इस मामले में सीतापुर पुलिस ने शुभम तिवारी मधवापुर, कमलापुर लखनऊ रघूराज सिंह उर्फ चमन पसनैका, इमलिया सुल्तानपुर लखनऊ आशीष शुक्ला उर्फ अंशू—फत्तेपुर, मैगंलगंज (खीरी) मोहम्मद अरमान — सिविल लाइन, कोतवाली नगरसाबेज—कोट पुराना, कोतवाली नगर विनय कुमार — पंडरवा, पिहानी (हरदोई) को गिरफ्तार किया है। इन पर खैराबाद और कोतवाली नगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हैं।

–पुलिस टीम को मिला 25 हजार रुपये का पुरस्कार

गिरोह का सफल पर्दाफाश करने पर पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने खैराबाद थाना पुलिस और एसओजी टीम को 25,000 रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।