हर डिजिटल दस्तावेज पर्यावरण की प्रतिबद्धताः विजेंद्र गुप्ता
अध्यक्ष गुप्ता ने यह बात विधानसभा में आयोजित डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा आगामी शीतकालीन सत्र से पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगी। अब प्रश्न, विधेयक और विधानसभा के अन्य सभी कार्य कागज की बजाय ‘नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन’ (नेवा) के माध्यम से डिजिटल रूप से होंगे। उन्होंने आज सरकारी विभागों के अधिकारियों को ‘नेवा’ पर प्रशिक्षण देने के दौरान कहा, “हमारा हर डिजिटल दस्तावेज पर्यावरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
विजेंद्र गुप्ता ने अधिकारियों से संवाद करते हुए इस प्रणाली को दक्षतापूर्वक अपनाने का आग्रह किया और कहा कि यह परिवर्तन न केवल विभागों बल्कि विधानसभा की कार्यप्रणाली के लिए भी अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा। इसके अलावा, यह डिजिटल बदलाव न केवल विधानसभा के काम में लगने वाले भारी मात्रा में कागज को खत्म करेगा बल्कि विभागों और विधानसभा के बीच संवाद को तेज़, प्रभावी और जवाबदेह बनाएगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली विधानसभा ‘पेपरलेस’ व्यवस्था की ओर बढ़कर देश की अन्य विधानसभाओं के लिए एक मजबूत आदर्श स्थापित करेगी।
उल्लेखनीय है कि शीतकालीन सत्र की तैयारी के तहत आईटी विभाग ने विभिन्न सरकारी विभागों, जैसे सामाजिक कल्याण, श्रम, खाद्य एवं आपूर्ति, पर्यावरण आदि, के अधिकारियों को ‘नेवा’ पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। शेष विभागों के अधिकारियों को बुधवार को डिजिटल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

