शिक्षा के साथ मिले दृष्टिकोण से बनती है पहचान : डॉ. पिच्चेश्वर गड्डे
फरीदाबाद, 13 जनवरी । लिंग्याज विद्यापीठ के चांसलर डॉ. पिच्चेश्वर गड्डे ने कहा कि लिंग्याज विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं दी, बल्कि सोचने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को आकार देने की दृष्टि भी प्रदान की है। आज पूर्व छात्र उसी दृष्टि को अपने कार्यों और उपलब्धियों के माध्यम से साकार कर रहे हैं।
चांसलर डॉ. गड्डे सेंट्रल कोर्टयार्ड फरीदाबाद में आयोजित लिंग्याज विद्यापीठ के पूर्व छात्रों के एलुमनी मीट कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में वर्ष 2002 से 2010 बैच के लगभग 200 पासआउट छात्रों ने भाग लिया। डॉ. गड्डे ने कहा कि आप सभी जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसे देखकर गर्व की अनुभूति होती है।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. योगेश चौधरी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में प्रयास और समर्पण के साथ कार्य किया जाए तो ऊंचाइयों तक पहुंचना संभव है। प्रतिबद्धता और मेहनत ही सफलता की कुंजी है। आज का यह मिलन समारोह इस बात का प्रतीक है कि पूर्व छात्र अपने ज्ञान और अनुभव के माध्यम से समाज और विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।
कार्यक्रम में सीओओ प्रेम कुमार सलवान ने कहा कि एक सशक्त और जुड़े हुए पूर्व छात्र समुदाय का निर्माण विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण है। पूर्व छात्र अकादमिक सुधार, प्लेसमेंट सपोर्ट, रिसर्च, इनोवेशन और कम्युनिटी प्राइड जैसी कई भूमिकाओं में योगदान देते हैं। डायरेक्टर भाविक कुचिपुड़ी ने कहा कि छात्रों और पूर्व छात्रों के बीच मजबूत जुड़ाव संस्थान की प्रगति और विवि की पहचान को बढ़ाता है।
कार्यक्रम में स्टूडेंट एलुमनाई एसोसिएशन ने बेस्ट ऑलराउंडर अवॉर्ड 2008 बैच के विनीत कुमार अरोड़ा को, बेस्ट कपल फ्रॉम लिंगायस अवॉर्ड 2007 बैच के संदीप सैनी एवं स्वाती चिब्बर को, एंटरप्रेन्योर एक्सीलेंस अवॉर्ड 2002 बैच के अजय नागर को, मोस्ट विजनरी एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड 2007 बैच के हितेश गोयल को, आउटस्टैंडिंग गवर्नमेंट ऑफिशियल अवॉर्ड 2010 बैच के पंकज कुमार झा को, वूमन अचीवर अवॉर्ड 2009 बैच की हिमानी गोयल को तथा कंसिस्टेंट सपोर्ट टू लिंगायस अवॉर्ड 2002 बैच के गौरव नागर को देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के न्यूजलेटर का विमोचन भी किया गया।

