(अपडेट) राष्ट्र के जन-गण-मन में देशभक्ति और देश के लिए गर्व का भाव हो रहा है सशक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल, 26 जनवरी । मध्य प्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस सोमवार को धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली।
गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और लोकतंत्र रक्षकों का सम्मान किया। इस अवसर पर राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत और सिंहस्थ पर केंद्रित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां भी हुई। इस मौके पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा आकर्षक एवं नयनाभिराम झांकियां भी निकाली गईं तथा स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों, समारोह में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विभागीय झांकियों को पुरस्कृत भी किया।
समारोह में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी सीमा यादव, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विभिन्न धर्मो के धर्मगुरू, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
तीन रंग के गुब्बारे छोड़ कर दिया राष्ट्रभक्ति और जनसेवा का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्तिक मेला मैदान स्थित शिप्रा तट सुनहरी घाट पर तिरंगा कलर के गुब्बारे खुले आकाश में छोड़ कर राष्ट्रभक्ति और जनसेवा का संदेश दिया। इस अवसर पर मां शिप्रा में 40 से अधिक तिरंगे रंग से सरावोर नाव पर तिरंगा ध्वज लिए होमगार्ड, एसडीईआरएफ के जवान उपस्थित होकर देश भक्ति के गीत गा रहे थे। घाट पर तिरंगे की थीम पर साज-सज्जा की गई साथ ही घाट पर जनजातीय भील कलाकारों द्वारा भगोरिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस के मंगल अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी और प्रदेश की जनता के नाम संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज राष्ट्र के जन-गण-मन में देशभक्ति और देश के लिए गर्व का भाव सशक्त हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व-गुण के फलस्वरूप संपूर्ण विश्व में भारत की गरिमा बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता की आज़ादी के लिए हँसते-हँसते सूली चढ़ने वाले अमर शहीदों के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2028 में सिंहस्थ का आयोजन उज्जैन में होना है। इस भव्य-दिव्य आयोजन के उपलक्ष में ही गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम पावन शिप्रा के किनारे आयोजित किया गया है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में महत्वपूर्ण रही मध्यप्रदेश की भागीदारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन विश्वास अधिनियम 2024 एवं 2025 के माध्यम से अनेक कानूनों के प्रावधान सरल किए गए हैं और अनावश्यक नियमों को हटाया गया है। इससे उद्योगों के विकास को नई दिशा मिली है। प्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोज़गार वर्ष के रूप में मनाया गया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आए निवेश प्रस्तावों में से एक तिहाई जमीन पर उतारे जा चुके हैं। यूके, जर्मनी, जापान, स्पेन और दुबई के उद्यमियों से प्राप्त प्रस्तावों से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और रोज़गार की संभावनाएँ साकार करने की ओर हम अग्रसर हैं।
प्रदेश में नशे के विरूद्ध चलाया जा रहा है जन-जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का आहृवान किया है। मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को मजबूत बनाते हुए अपराधिक तत्वों पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई है। मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय के पहले नक्सल उन्मूलन का कार्य किया गया है। प्रदेश में नशे के विरूद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
प्रदेश की तकनीकी संस्थानों में आरंभ होगी कोडिंग लैब
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय नायकों की स्मृति में तीन नए विश्वविद्यालयों क्रांति सूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय, खरगोन, क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय, गुना एवं रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर की स्थापना की गई है। प्रदेश में 22 भारतीय भाषाओं और 4 विदेशी भाषाओं के क्रेडिट आधारित प्रमाणपत्र पाठयक्रम शुरू किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में नामांकन में 21 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है। तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत 10 इन्क्यूबेशन सेन्टर स्थापित किए गए हैं। रीवा के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रारंभ की गई कोडिंग लैब एक आदर्श पहल है। प्रदेश के अन्य तकनीकी संस्थानों में भी कोडिंग लैब आरंभ की जाएंगी।
वन एवं वन्य जीव संवर्द्धन में प्रदेश की विशेष पहचान बनी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन एवं वन्य जीव के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और प्रदेश की विशेष पहचान बनी है। शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय उद्यान को 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। सागर जिले में डॉ. भीमराव अभयारण्य और श्योपुर जिले में जहानगढ़ अभयारण्य का गठन किया गया है। प्रदेश में पालपुर कूनो और गांधी सागर अभयारण्य के बाद चीतों की बसाहट के लिए तीसरे रहवास के रूप में नौरादेही अभयारण्य को विकसित किया जा रहा है। विमुक्त, घुमंतु एवं अर्धघुमंतु समुदायों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समर्थ पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटाबेस तैयार कर पंजीकरण किया जा रहा है।
प्रदेश में होंगे 50 से अधिक मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना प्राथमिक कार्य है। राज्य में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या 19 और निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या 14 है। वर्ष 2028 तक छह नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय प्रारंभ करने का लक्ष्य है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश में 50 से अधिक मेडिकल कॉलेज होंगे। उज्जैन को मेडिसिटी की पहचान जल्द ही मिलेगी। मध्यप्रदेश यह पहल करने वाला देश का पहला राज्य होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुष शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 3 आयुर्वेद महाविद्यालय प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। मध्यप्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए 12 नए हेल्थ केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं।
भोपाल बनेगा स्पोर्ट्स हब
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेलों की दुनिया में हमारा प्रदेश नई पहचान बना रहा है। गत दो वर्षों में खेल अकादमियों के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 19 स्वर्ण, 29 रजत, 26 कांस्य पदक जीते। इसी तरह खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर 189 स्वर्ण, 131 रजत और 118 कांस्य पदक जीते। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य मध्यप्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ को एक करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी गई। प्रदेश में हाल ही में खेलो मध्यप्रदेश का ओलंपिक खेलों की तरह गरिमामय आयोजन किया गया। स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा देकर स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए भोपाल में लगभग एक हजार करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है।
प्रदेश की उत्तरोत्तर प्रगति हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उत्तरोत्तर प्रगति हमारा लक्ष्य है। अभ्युदय मध्यप्रदेश के लिए सभी को मिलकर कार्य करना है। गणतंत्र दिवस अपने कार्यों के विश्लेषण और सुखद भविष्य की रणनीति बनाने का अवसर भी होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के नागरिक राज्य की प्रगति के प्रयासों में भागीदारी निभाएँगे और समाज और सरकार के समन्वित प्रयासों से हमारा प्रदेश राष्ट्र का गौरव बढ़ाने में आगे रहेगा।

