ठगी के मामले में राष्ट्रीय स्तर का शूटर गिरफ्तार
नई दिल्ली, 25 जनवरी । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (साइबर सेल) यूनिट ने संगठित साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए राष्ट्रीय स्तर के शूटर और पदक विजेता खिलाड़ी को गिरफ्तार किया है। आरोपित पर करीब 40 लाख रुपये की साइबर ठगी रैकेट में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक आरोपित ने अपनी पहचान, प्रभाव और नेटवर्क का दुरुपयोग कर देशभर में फैले साइबर अपराधियों की मदद की।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने रविवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपित की पहचान आगरा (उप्र) निवासीहिमांशु चौहान उर्फ शूटर के रूप में हुई है। हिमांशु राष्ट्रीय स्तर का शूटर है और उसने नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं, जबकि 50 मीटर और 300 मीटर राइफल स्पर्धा में राज्य स्तर पर गोल्ड मेडल भी हासिल कर चुका है। इसके बावजूद आरोपित ने खेल जगत की पहचान को दरकिनार करते हुए साइबर ठगी जैसे अपराध में खुद को शामिल कर लिया।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार जांच में सामने आया कि पीड़ित को फर्जी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, स्टॉक ट्रेडिंग और आईपीओ निवेश योजनाओं में मोटे मुनाफे का लालच देकर फंसाया गया। इसके बाद उससे आईएमपीएस, एनईएफटी और यूपीआई के जरिए रकम ट्रांसफर करवाई गई। अकेले 20 जून 2025 को ही 8 लाख की राशि एक म्यूल एक्सिस बैंक खाते में जमा कराई गई थी, जो इस साइबर ठगी सिंडिकेट से जुड़ा पाया गया।
एनसीआरपी पोर्टल के विश्लेषण में इसी बैंक खाते से जुड़े 40 शिकायतें और बेंगलुरु तथा मुंबई (साइबर साउथ थाना) में दर्ज दो एफआईआर सामने आईं, जिससे इस गिरोह के पैन-इंडिया नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि हिमांशु चौहान उर्फ शूटर इस गिरोह में अहम कड़ी के रूप में काम कर रहा था। वह लोगों को एक लाख प्रति खाते का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम जमा करने में किया जाता था। बाद में ये खाते आगरा निवासी एक अन्य सहयोगी को सौंपे जाते थे, जहां से रकम की लेयरिंग और आगे ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस का कहना है कि आरोपित और उसके सहयोगियों ने साइबर ठगी की रकम को छिपाने और घुमाने के लिए सुनियोजित तरीके अपनाए। अन्य फरार आरोपितों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है।

