सोनीपत: गीता कर्मयोग का पथ दिखाकर जीवन को बनाती है सार्थक : सुरेंद्र पंवार
क्षेत्रवासियों को संबोधित किया।
पूर्व
विधायक ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की संपूर्ण पद्धति
है। गीता का पाठ मनुष्य को कर्तव्य, संयम और संतुलन का बोध कराता है। गीता पाठ से जीवन
का उद्धार होता है और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि गीता
का नियमित पाठ करने से व्यक्ति के विचार शुद्ध होते हैं और कर्म मार्ग प्रशस्त होता
है, जिससे मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग भी खुलता है। इसी कारण प्रत्येक परिवार को
अपने घर में गीता पाठ की परंपरा स्थापित करनी चाहिए।
पूर्व
विधायक ने पूज्य स्वामी डॉ. दिव्यानंद महाराज से आशीर्वाद लेकर उनके चरणों में नमन
किया। उन्होंने कहा कि गीता का पाठ और श्रवण एक ज्ञान यज्ञ के समान है। पाठक और श्रोता
यदि श्रद्धा और विश्वास के साथ इस यज्ञ में सहभागी बनते हैं, तो गीता का ज्ञान स्वयं
उनके हृदय में प्रकाशित होने लगता है। गीता के अध्याय ईश्वर के ज्ञानस्वरूप हैं और
उनका अध्ययन करने वाला पुण्य का भागी बनता है। कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय गीतों की
प्रस्तुति से वातावरण आध्यात्मिक हो गया। पूर्व विधायक ने कहा कि स्वामी दिव्यानंद
महाराज समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रहे हैं, जिसके लिए समाज सदैव उनका
आभारी रहेगा।

