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मप्र: नर्मदा जयंती पर प्रदेश भर में आस्था का सैलाब, घाटाें पर लाखों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में लगाई डुबकी

भाेपाल/मंडला/ नरसिंहपुर, 25 जनवरी । मां नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के नर्मदा अंचल में आस्था का विराट संगम देखने को मिल रहा है। मंडला और नरसिंहपुर सहित प्रदेश भर के नर्मदा घाटों पर रविवार तड़के से ही लाखों श्रद्धालु पूजन-अर्चन और स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। घाटों पर “जय मां नर्मदा” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया है।

मंडला जिले में नर्मदा जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। माहिष्मती घाट, संगम घाट सहित सभी प्रमुख नर्मदा तटों पर रविवार सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। प्रशासन का अनुमान है कि दिनभर में दो लाख से अधिक श्रद्धालु नर्मदा घाटों पर पहुंचेंगे। नर्मदा जयंती के अवसर पर कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा और जिला पंचायत सीईओ शाश्वत सिंह मीणा सहित जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने माहिष्मती घाट पर मां नर्मदा का विधिवत पूजन किया।

घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पुलिस, होमगार्ड और प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है। जिले के ग्रामीण अंचलों में भी पूजन, हवन, भंडारे और चुनरी अर्पण किए जा रहे हैं। शाम को महाआरती और दीपदान के आयोजन होंगे। वहीं रपटा घाट पर शाम 6:30 बजे से निर्झरणी महोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

यातायात व्यवस्था में बदलाव, पार्किंग के पुख्ता इंतजाम

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आज सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है। पौड़ी रेलवे क्रॉसिंग, आंगन तिराहा, कारीकोन तिराहा और बिंझिया तिराहा से वाहनों को NH-30 की ओर डायवर्ट किया गया है। दोपहर 12 बजे के बाद नेहरू स्मारक चौक से माहिष्मती घाट की ओर चारपहिया और तीनपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। संगम घाट के लिए हेलीपैड मैदान सहित विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

नरसिंहपुर में बरमान घाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब

मप्र के नरसिंहपुर जिले में नर्मदा जयंती को सबसे बड़े धार्मिक पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। देर रात से ही श्रद्धालु घाटों की ओर पहुंचने लगे थे। सूर्योदय के साथ ही मां नर्मदा में आस्था की डुबकी का सिलसिला शुरू हो गया। बरमान घाट पर सर्वाधिक भीड़ देखी गई, जहां पूजा-अर्चना, हवन और जयकारों से पूरा घाट गूंज उठा। मान्यता है कि यही वह पवित्र स्थल है जहां सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने तप किया था। इसी आस्था के चलते कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों श्रद्धालु स्नान-पूजन के लिए पहुंचे।

चुनरी यात्राएं, भंडारे और भक्ति का माहौल

नर्मदा जयंती पर नरसिंहपुर जिले में सैकड़ों चुनरी यात्राएं निकाली गईं और जगह-जगह भंडारों का आयोजन हुआ। झांसी घाट, मुआरघाट, ब्रह्मकुंड घाट, सांकल घाट, महादेव पिपरिया, बरमान घाट सहित जिले के सभी प्रमुख नर्मदा तटों पर भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस, होमगार्ड, स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद की टीमें तैनात की गईं। साफ-सफाई, पेयजल और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।