Delhi

आवारा कुत्तों के मामले में 28 जनवरी को अगली सुनवाई

नई दिल्ली, 20 जनवरी । आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने कहा कि हम कुत्तों से सर्टिफिकेट लेकर चलने के लिए क्यों नहीं कह सकते हैं। इस मामले में अब अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी। इस मामले में अभी तक कोर्ट ने पशु अधिकार कार्यकर्ता, विभिन्न एनजीओ की ओर से पेश वकीलों की दलीलों को सुना है। 28 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई में कोर्ट एमिकस क्यूरी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और केंद्र और राज्यों की ओर से पेश वकीलों की दलीलों को सुनेगा।

सुनवाई के दौरान मंगलवार काे वकील प्रशांत भूषण दलील ने कहा कि एक ऐसा सिस्टम होना चाहिए, जहां लोग उन आवारा कुत्तों की रिपोर्ट कर सकें जो स्टेरलाइज्ड नहीं लगते हैं। इसे किसी वेबसाइट पर रिकार्ड या रिपोर्ट किया जाना चाहिए। जब प्रशांत भूषण ने कहा कि उच्चतम न्यायालय की पहले की टिप्पणी, जो शायद व्यंग्यात्मक थी, की वजह से दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं घटी हैं। कुत्तों को खिलाने वालों पर हमले हुए हैं। तब कोर्ट ने कहा कि हमने व्यंग्य नहीं किया था, हमने काफी गंभीरतापूर्वक कहा था।

सुनवाई के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी की ओर से वकील राजू रामचंद्रन ने जैसे ही दलीलों को रखना शुरू किया कोर्ट ने मेनका गांधी की टिप्पणियों पर एतराज जताया। कोर्ट ने कहा कि कुछ दिनों पहले मेनका गांधी ने कहा था कि कोर्ट को समीक्षा करने को कहा था, ये कैसी टिप्पणी है। उन्होंने अवमानना किया है। हम उस टिप्पणी पर संज्ञान नहीं ले रहे हैं क्योंकि ये हमारा अधिकार है। इस पर रामचंद्रन ने कहा कि वो अवमानना नहीं थी। अब वो आगे से ऐसा कुछ नहीं करेंगी।