ट्रिप्पल आईटी में जेंडर सेंसिटाईजेशन पर कार्यशाला
ऊना, 27 जनवरी । भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान(आईआईआईटी) ऊना सलोह में मंगलवार को भारत की पहली आईपीएस डॉ. किरण बेदी के साथ जेंडर सेंसिटाइजेशन और सम्मानजनक शैक्षणिक कार्यस्थल का निर्माण विषय पर एक ऑनलाइन सत्र का आयोजन हुआ। इस सत्र में छात्रों और संकाय सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
संस्थान को डॉ. किरण बेदी पूर्व उपराज्यपाल पुडुचेरी ने अपने संबोधन में कहा कि वास्तविक संवेदनशीलता केवल जेंडर तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह चरित्र, जिम्मेदारी और स्वयं, समाज तथा राष्ट्र के प्रति सम्मान से शुरू होती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि संवेदनशीलता समग्र और समावेशी होनी चाहिए जो स्वयं, परिवार, समुदाय और देश के प्रति सम्मान को समाहित करे। साथ ही उन्होंने कहा कि चरित्र परिस्थितिजन्य नहीं होता और न ही वह अवकाश लेता है। वह रोज़मर्रा के व्यवहार में निरंतर परिलक्षित होता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मूल्य केवल अवसरों पर नहीं, बल्कि दैनिक आचरण में दिखाई देते हैं।
जिम्मेदार नागरिकता का महत्व बताते हुए डॉ. बेदी ने छात्रों से आग्रह किया कि वे नैतिक पेशेवर बनें और समाज व राष्ट्र के प्रति ईमानदारी से योगदान दें। उन्होंने छात्रों को नवाचार के लिए प्रेरित करते हुए अपने ज्ञान का सार्थक उपयोग करने और नवाचार को राष्ट्रीय विकास और प्रगति के प्रति कर्तव्य के रूप में देखने का संदेश दिया।
बता दें कि ये ऑनलाई सत्र संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति सेल के तत्वावधान में डॉ. गुरप्रीत कौर द्वारा आयोजित किया गया। संस्थान ने प्रो. मनीष गौर निदेशक आईआईआईटी ऊना के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए भी आभार व्यक्त किया।

