Rajasthan

विधानसभा में उद्योग अनुदान मांगों पर बहस के दौरान सदन में तीखी नोकझोंक

जयपुर, 19 फरवरी । विधानसभा में गुरुवार को उद्योग, युवा एवं खेल विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान आरोप-प्रत्यारोप से सदन का माहौल गरमा गया। बहस के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

महंत बालकनाथ ने भिवाड़ी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने गोहत्या के आरोपियों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया था। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लेते हुए उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या प्रकरण का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उस समय आरोपियों को बचाने का प्रयास किया गया। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि कन्हैयालाल के परिवार को 50-50 लाख रुपये की सहायता दी गई और दोनों बच्चों को नौकरी प्रदान की गई। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि आरोपियों की जमानत सत्तापक्ष ने करवाई। इस पर बालकनाथ ने समुदाय विशेष को मुआवजा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जयपुर में एक हिंदू की मौत पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया।

अनुदान मांगों की बहस के दौरान कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर ने दिल्ली में आयोजित एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा कथित रूप से ‘नकली रोबोट’ पेश करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस घटना से देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा हो रही है। मेहर ने महात्मा गांधी के संदर्भ में भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सरकार को गांधीजी से आपत्ति है तो नोटों से उनकी तस्वीर हटा दे, केवल योजनाओं से नाम हटाने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए इस पर ठोस कदम उठाने की मांग की।

उद्योग एवं खेल विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अर्जुन जीनगर ने बड़े उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलने और प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के दरीबा और चंदेरिया स्थित जिंक स्मेल्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय जमीन और संसाधनों के बावजूद क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। जीनगर ने आरोप लगाया कि बाहरी कंपनियों और श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाती है तथा स्थानीय कंपनियों को ठेके नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के कारण क्षेत्र में लोगों के शरीर में लेड की मात्रा बढ़ रही है और भूमिगत जल भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने सरकार से इन उद्योगों पर अंकुश लगाने तथा स्थानीय लोगों को रोजगार और सीएसआर फंड का लाभ सुनिश्चित कराने की मांग की।

इसी दौरान कांग्रेस विधायक अशोक चांदना ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के मुद्दे पर भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के सामने बेरोजगारी, नशे और ऑनलाइन सट्टे की गंभीर चुनौती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से भाजपा को चंदा दिया। चांदना ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ऑनलाइन सट्टे पर रोक की घोषणा के बावजूद यह गतिविधि जारी है।