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भोपाल में अनूठा खेल महोत्सव: 100 घंटे लगातार क्रिकेट खेलेंगे दिव्यांगजन, ‘नॉट आउट@100’ का आगाज़ 22 फरवरी से

भोपाल, 20 फ़रवरी । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल खेल और सामाजिक समावेशन का ऐतिहासिक गवाह बनने जा रही है। यहां आगामी 22 से 26 फरवरी तक देशभर के दिव्यांगजन लगातार 100 घंटे क्रिकेट खेलकर अपनी प्रतिभा और जज्बे का प्रदर्शन करेंगे। ‘नॉट आउट@100’ नाम से आयोजित यह राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट खेल महोत्सव नेहरू नगर भौंरी स्थित पुलिस स्टेडियम में होगा।

कार्यक्रम का उद्घाटन 22 फरवरी को सुबह 10 बजे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। यह जानकारी राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट खेल महोत्सव के कार्यक्रम संयोजक डॉ राघवेंद्र शर्मा ने शुक्रवार काे पत्रकार वार्ता में दी। इस अवसर पर दिव्यांगजन आयुक्त डॉ अजय खेमरिया भी मौजूद रहे। डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि महोत्सव में मध्य प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार और दिल्ली समेत कुल 8 राज्यों के दिव्यांग खिलाड़ी भाग लेंगे। स्थानीय दिव्यांगजन भी इसमें उत्साहपूर्वक हिस्सा लेंगे। आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे न्यास, टास्क इंटरनेशनल सहित अन्य संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक प्रयास को रिकॉर्ड पुस्तकों में दर्ज कराने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, लिम्बा बुक ऑफ रिकाॅर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकाॅर्ड के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

दया नहीं, अवसर के पात्र हैं दिव्यांग

कार्यक्रम संयोजक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजन दया के नहीं, अवसर के पात्र हैं। इस आयोजन का उद्देश्य आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक चेतना का संदेश देना है। उन्होंने बताया कि श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 100 घंटे निरंतर क्रिकेट खेलने का यह ऐतिहासिक आयोजन किया जा रहा है। डॉ. शर्मा पिछले लगभग 20 वर्षों से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय हैं और उनके नेतृत्व में यह महोत्सव खेल के माध्यम से सकारात्मक बदलाव का संदेश देगा।

इस महोत्सव का ये रहेगा आकर्षण

आईपीएल तर्ज पर मैच, विशेष गेंदों का उपयोग

प्रत्येक मैच आईपीएल की तर्ज पर 4-4 घंटे का होगा।

अंधे दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आवाज वाली विशेष गेंद का उपयोग किया जाएगा, जबकि अन्य खिलाड़ियों के लिए क्वार्क बॉल से मैच खेले जाएंगे।

पहली बार जमीन पर बैठकर चलने वाले दिव्यांग भी क्रिकेट खेलते नजर आएंगे।

व्हीलचेयर, दृष्टिबाधित, मानसिक दिव्यांग बच्चे, युवा और महिला-पुरुष खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करेंगे।

100 घंटे बिना रुके, दिन-रात चलेगा खेल

22 फरवरी को सुबह 10 बजे उद्घाटन के बाद दोपहर 2 बजे से खेल का सिलसिला शुरू होगा, जो बिना रुके दिन-रात 26 फरवरी तक 100 घंटे लगातार जारी रहेगा।