Himachal Pradesh

शिमला : नेपाली मजदूर की हत्या, नदी किनारे बंधे हाथ-पैर के साथ मिला शव

शिमला, 19 फ़रवरी । एक नेपाली मूल के मजदूर को मौत के घाट उतार बदमाशों ने उसका शव नदी किनारे फेंक दिया। सुबह जब स्थानीय लोगों ने क्षत-विक्षत हालत में शव देखा तो इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक के हाथ-पैर बंधे हुए थे और सिर पर गहरी चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संदिग्धों की तलाश जारी है।

शिमला जिले के चिड़गांव क्षेत्र की उपतहसील जांगला के बडियारा में यह वारदात सामने आई। पुलिस थाना चिड़गांव में मामला दीपेंद्र पुत्र स्वर्गीय सुंदर लाल निवासी गांव दिसवानी, डाकघर कलोटी के बयान पर दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि 18 फरवरी की सुबह करीब आठ बजे वह अपने घर से बडियारा पुल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पब्बर नदी के किनारे खिलोचा नाले के पास उन्होंने बड़ी संख्या में कौवों को मंडराते देखा।

संदेह होने पर जब दीपेंद्र पास पहुंचे तो एक व्यक्ति पीठ के बल पड़ा मिला। उन्होंने देखा कि मृतक के सिर के दाहिने हिस्से पर गहरी चोट थी। दोनों हाथ और पैर कपड़े से बंधे हुए थे और शरीर का ऊपरी हिस्सा नग्न था। सिर के पास काफी खून फैला हुआ था, जिससे हत्या की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने तुरंत 112 हेल्पलाइन पर सूचना दी और ग्राम पंचायत दिसवानी के प्रधान धर्मेंद्र को भी जानकारी दी।

मृतक की पहचान सेती राम उर्फ राकेश प्रताप (उम्र करीब 46 वर्ष) निवासी जिला सल्याणी, नेपाल के रूप में हुई है। वह पिछले लगभग चार महीनों से बडियारा में जय लाल भंडारी के पास मजदूरी कर रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार शाम को मृतक को नेपाल मूल के कुछ अन्य लोगों के साथ देखा गया था। बताया जा रहा है कि उसने शाम के समय दो साथियों के साथ शराब का सेवन किया था, जिसके बाद वह लापता हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी प्रणव चौहान ने फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मृतक के साथ आखिरी बार देखे गए व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण स्पष्ट होंगे। पुलिस ने कई अहम सुराग जुटाए हैं और संदिग्धों की तलाश के लिए टीमें जुटी हुई हैं।

पुलिस थाना चिड़गांव में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच जारी है।