Haryana

फरीदाबाद : मेले में ट्यूनीशिया की ऑलिवुड शिल्प और नेपाल के सिंगिंग बाउल की अपनी पहचान

फरीदाबाद, 12 फरवरी । विश्व प्रसिद्ध 39 वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव-2026 में देश-विदेश की पारंपरिक कलाओं और हस्तशिल्प का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। सूरजकुंड मेले में ट्यूनीशिया की ऑलिवुड (जैतून की लकड़ी) से तैयार शिल्पकृतियां और नेपाल के सिंगिंग बाउल विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पर्यटक इन अनूठी कलाकृतियों को काफी पसंद कर रहे हैं। सूरजकुंड मेला परिसर में अफ्रीका के देश ट्यूनीशिया से आए शिल्पकार की स्टॉल ऑलिवुड यानी जैतून की लकड़ी से विभिन्न प्रकार के सजावटी और उपयोगी उत्पाद पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। जैतून की लकड़ी अपनी मजबूती, प्राकृतिक बनावट और आकर्षक रंगों के लिए जानी जाती है। इससे बने सजावटी सामान और कटोरे, ट्रे, चम्मच, आदि किचन उपयोग की वस्तुएं पर्यटकों को खास तौर पर पसंद आ रही हैं। शिल्पकारों का कहना है कि जैतून की लकड़ी पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ टिकाऊ भी होती है, जिससे बने उत्पाद लंबे समय तक उपयोग में रहते हैं। इन वस्तुओं की प्राकृतिक चमक और हस्तनिर्मित बारीक नक्काशी उन्हें विशेष पहचान देती है। सूरजकुंड शिल्प महोत्सव में नेपाल से आए शिल्पकारों की स्टॉल पर सिंगिंग बाउल भी मेले में आए लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। पारंपरिक धातु मिश्रण से तैयार किए गए यह सिंगिंग बाउल मधुर ध्वनि उत्पन्न करते हैं, जो मानसिक शांति और एकाग्रता में सहायक मानी जाती है। साउंड थेरेपी, ध्यान और योग अभ्यास में इनका व्यापक उपयोग किया जाता है। शिल्प महोत्सव में आए योग प्रेमी और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़े लोग विशेष रूप से इन बाउल्स में रुचि दिखा रहे हैं। शिल्पकारों ने बताया कि सिंगिंग बाउल की ध्वनि सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और तनाव कम करने में सहायक होती है। शिल्पकारों ने कहा कि सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव में विभिन्न देशों की भागीदारी से सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिल रही है और यह मेला शिल्पकारों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान भी दे रहा है। इसके लिए उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा के पर्यटन मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा का आभार व्यक्त भी किया।