स्कूल शिक्षा बोर्ड शुरू करेगा मिशन ‘सुधार’, सेवानिवृत्त अधिकारियों का लिया जाएगा मार्गदर्शन
धर्मशाला, 04 फ़रवरी । हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने एक नई पहल की है। बोर्ड अब अपनी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए अपने पूर्व अधिकारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के दशकों पुराने अनुभवों का लाभ उठाएगा। इसी उद्देश्य से शिक्षा बोर्ड द्वारा सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं पेंशनर्स के साथ एक विशेष ‘संवाद एवं विचार-विमर्श’ कार्यक्रम 18 फरवरी को 11 बजे आयोजित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के विजन को आगे बढ़ाने का प्रयास
डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा शिक्षा बोर्ड की जिम्मेदारी सौंपे जाने के पश्चात उनका यह निरंतर प्रयास रहा है कि बोर्ड को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड की 55 वर्षों की गौरवशाली यात्रा में सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का अमूल्य योगदान रहा है। उनके अनुभव वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
अनुभव से प्रभावी होगी कार्यप्रणाली
बोर्ड अध्यक्ष शर्मा ने जोर देकर कहा कि सेवानिवृत्ति के पश्चात भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पास शिक्षा प्रणाली से जुड़े गहरे अनुभव और महत्वपूर्ण सुझाव होते हैं। इन सुझावों का उपयोग बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने में किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों से शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक और दूरगामी सुधार लाने में बड़ी सहायता मिलेगी।
पेंशनर्स की समस्याओं का प्राथमिकता पर समाधान
इस संवाद कार्यक्रम का एक अन्य मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं पेंशनर्स की समस्याओं को समझना और प्रशासनिक स्तर पर उनके समाधान हेतु सकारात्मक पहल करना है। डॉ. शर्मा ने आश्वस्त किया कि बोर्ड कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का प्रयास करेगा। यदि आवश्यकता पड़ी, तो संबंधित विषयों को प्रदेश सरकार के समक्ष भी प्रभावी ढंग से रखा जाएगा।
धर्मशाला में सजेगा सुझावों का मंच
यह संवाद सम्मेलन शिक्षा बोर्ड परिसर धर्मशाला स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में 18 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी अपने अनुभव साझा करेंगे ताकि बोर्ड की कार्यप्रणाली को और अधिक बेहतर बनाया जा सके। डॉ. राजेश शर्मा ने सभी पूर्व कर्मियों से इस सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी का आग्रह करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से बोर्ड को एक नई दिशा और मजबूती मिलेगी।

