विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में स्वदेशी संकल्प की होगी महत्वपूर्ण भूमिकाः उदय प्रताप सिंह
नरसिहंपुर, 16 फरवरी । मध्य प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि देश अपने उत्पादों से विश्व बाजार में क्रांति ला रहा है। स्वदेशी मेले के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अनेक उत्कृष्ट वस्तुएं हमारे भारत में ही निर्मित हो रही हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में स्वदेशी संकल्प की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मंत्री सिंह सोमवार को जिला मुख्यालय नरसिंहपुर में आयोजित स्वदेशी मेले के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि स्वदेशी अपनाएं, स्वदेशी उत्पादों के प्रति सम्मान का भाव रखें और उन्हें बेहतर बनाने तथा विकसित करने के लिए अपना पूरा योगदान दें। समापन कार्यक्रम का शुभांरभ दीप प्रज्जवलन और राष्ट्रीगीत वंदे मातरम् के साथ किया गया।
मंत्री सिंह ने कहा कि आजादी से पूर्व हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने स्वदेशी वस्तुओं को विश्व पटल पर सशक्त रूप से स्थापित किया था। हालांकि, एक समय ऐसा भी आया जब स्वदेशी, राष्ट्रवाद और राष्ट्र सर्वोपरि जैसे विषय प्राथमिकता से दूर होते चले गए और कंपनी व्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयास हुए। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र सर्वोपरि की भावना पुनः सशक्त रूप में स्थापित हो रही है और भारत वैश्विक स्तर पर एक ताकत के रूप में उभर रहा है। भारत सरकार लगातार भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। जितना अधिक भारतीय उत्पाद देश एवं विदेश में प्रचलित होंगे, उतना ही यह बढ़ते हिंदुस्तान के लिए महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
मंत्री सिंह ने कहा कि गोबर एवं गोमूत्र आधारित उत्पादों पर हो रहे नवाचारों और अनुसंधान का व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। नरसिंहपुर जिला एक आदर्श एवं कृषि प्रधान जिला है, जहां खेती पर निर्भरता अधिक है। यहां के उद्यमियों द्वारा कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर उन्हें देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है। अंत में उन्होंने कहा कि यदि नागरिक खरीदारी के समय भारत में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो स्वदेशी मेले की सार्थकता और इस आयोजन की सफलता स्वतः सिद्ध होगी।
सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने स्वदेश मेले के सफल आयोजन पर स्वदेश जागरण मंच को धन्यवाद एवं शुभकामनाएं देते हुए मेले की भव्यता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिलेवासियों ने स्वदेशी मेले का भरपूर आनंद लिया है। सांसद ने बताया कि वे कुछ दिन पूर्व स्वयं मेले में पहुंचकर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर चुके हैं तथा प्रदेश के बाहर से आए व्यापारियों से संवाद कर उनके अनुभव भी जाने। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नरेन्द्र मोदी की स्वदेशी परिकल्पना को मूर्त रूप देने की दिशा में सार्थक प्रयास है। मेले में विभिन्न क्षेत्रों के स्वदेशी कारीगरों द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली, जो आत्मनिर्भरता और स्थानीय प्रतिभा को प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि जिले में आयोजित यह स्वदेशी मेला अपने आप में अभूतपूर्व है और भविष्य में भी इसी भव्यता के साथ आगे बढ़ते हुए देश की पहचान बने।
लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि स्वदेशी मेला बुनियादी हिंदुस्तान को सही दिशा में आगे बढ़ाते हुए आर्थिक विकास के लक्ष्य को पूरा करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के आंदोलन के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वदेशी को अपनाने की अलख जगाई थी और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया था। आज आवश्यकता है कि हम सभी अपने बलबूते पर हिंदुस्तान को आगे बढ़ाएं। स्वदेशी निर्माण और उसकी गुणवत्ता को जनता तक पहुंचाने के लिए ऐसे मेलों का आयोजन अत्यंत आवश्यक है। मेले में नागरिकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली है, जिससे स्वदेशी वस्तुओं को पहचान और व्यापक पहुंच मिल रही है।
कार्यक्रम को मप्र जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, राष्ट्रीय संगठक स्वदेशी जागकरण मंच नई दिल्ली सतीश ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी की भावना को जन- जन तक पहुंचाने के लिए यह स्वदेशी मेला का आयोजन किया गया है। स्वदेशी अपनाने में ही राष्ट्र सशक्त होगा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा कर पाएंगे। इसके लिए हम सभी को संकल्प लेना होगा कि हम अपने जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करेंगे और उसे आगे बढ़ाएंगे। इस अवसर पर विधायक महेन्द्र नागेश, नगर पालिका अध्यक्ष नीरज दुबे, अन्य जनप्रतिनिधि, स्वदेशी जागरण मंच के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

