नेपाल के हिमालयी जिलों में बर्फबारी, भीषण ठंड में चुनाव स्थगित करने की मांग
काठमांडू, 12 फ़रवरी । नेपाल में आगामी 5 मार्च को होने जा रहा प्रतिनिधि सभा का चुनाव हिमालयी जिला हुम्ला के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। यहां के कई जनप्रतिनिधियों ने भीषण ठंड एवं हिमपात के कारण मतदान में होने वाली कठिनाइयों का हवाला देकर सरकार से चुनाव स्थगित करने की मांग की है।
सरकार को लिखे पत्र में हिमालयी जिले के जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि कड़ाके की ठंड और गाँवों तक पहुँचने वाली सड़कें बर्फ से अवरुद्ध होने के कारण मतदान न हो पाने की आशंका बढ़ती जा रही है। या तो सरकार इसका कोई उपाय ढूंढे या फिर चुनाव स्थगित करे।
नाम्खा गाँवपालिका ने सरकार को पत्र लिखकर बर्फ हटाकर सड़क खुलवाने की मांग की है। इसके साथ ही जिला निर्वाचन कार्यालय को एक अलग पत्र भेजकर 5 मार्च को होने वाले चुनाव को कुछ समय के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया गया है।
नाम्खा गाँवपालिका के लिमी क्षेत्र में कुल 672 मतदाता हैं। वहाँ तीन मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। हालांकि, वहाँ के अधिकांश मतदाता ठंड से बचने के लिए काठमांडू, सुर्खेत, भारत सहित अन्य स्थानों पर चले गए हैं, जिससे मतदान न हो पाने की संभावना है। यह जानकारी नाम्खा गाँवपालिका–6 के वडाध्यक्ष पाल्जोर तामांग ने दी।
उनका कहना है कि सरकार को नारा और न्यालु लेक क्षेत्रों में जमी बर्फ हटाने की पहल करनी चाहिए या फिर निर्वाचन को स्थगित किया जाना चाहिए।
उनके अनुसार, उत्तरी नाम्खा गाँवपालिका के लिमी, तिल, जांग और हल्जी गाँवों के अधिकांश मतदाता जिला से बाहर हैं। हिमपात के कारण नाम्खा गाँवपालिका के न्यालु लेक क्षेत्र में भारी बर्फ जमने से सड़क संपर्क पूरी तरह बंद है।
इसी तरह, नारा लेक क्षेत्र में भी बर्फ जमने से आवागमन संभव नहीं है, ऐसा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया है। सीमा सुरक्षा प्रहरी बल बीओपी हिल्सा के इंचार्ज कृष्ण दाहाल के अनुसार, हिमपात के कारण 8 और 9 नंबर पिलर तक निगरानी के लिए जाना भी मुश्किल हो गया है। उनके मुताबिक नारा लेक क्षेत्र में 4 से 5 फुट तक बर्फ जमी हुई है।

