उत्तरकाशी में विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का प्रथम सम्मेलन संपन्न
उत्तरकाशी, 25 फ़रवरी । विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी ने उत्तरकशी में प्रथम मातृशक्ति सम्मेलन का आयोजन किया है। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृशक्ति की प्रांत सह-संयोजिका प्रीति शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर किया है।
संयोजिका प्रीति ने कहा कि वर्तमान समय में मातृशक्ति को पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ समाज सुधार एवं राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। समाज में बढ़ती कुरीतियों, नशे की प्रवृत्ति तथा सांस्कृतिक चुनौतियों के बीच माताओं को जागरूक रहकर अपने परिवार और समाज को संस्कारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण की शुरुआत घर से होती है और इसमें माता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए “पंच परिवर्तन” के भाव को आत्मसात करने पर बल दिया। सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भावना एवं नागरिक कर्तव्य के प्रति जागरूकता जैसे विषयों पर संगठित प्रयास की आवश्यकता बताई गई। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति इन सभी आयामों में मार्गदर्शक भूमिका निभा सकती है।
इस दौरान जिलाध्यक्ष अजय प्रकाश बडोला ने उन्होंने दुर्गा वाहिनी के माध्यम से बहनों को आत्मनिर्भरता एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर बल दिया। साथ ही नशामुक्ति, नारी जागरण, पर्यावरण संरक्षण व सामाजिक चेतना के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
सम्मेलन में आगामी दुर्गा वाहिनी एवं मातृशक्ति प्रशिक्षण वर्ग के संबंध में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से बहनों का शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास किया जाता है। आत्मरक्षा, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास एवं संगठनात्मक प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ समाज में सक्रिय भूमिका निभाने हेतु तैयार किया जाता है।
इस मौके पर जया जमनाल, राखी, किरण पंवार, उषा जोशी, सरिता, प्रीति रावत अर्चना रतूडी, ममता मिश्रा, सोनम अनिता, विजेंद्र, भवानी, जीता देवी, रितु राणा, कुमारी बबिता, सविता कोठियाल, ममता, अनीता, बबिता, जिला मंत्री कीर्ति सिंह महर, मान सिंह गुसाईं मौजूद रहे है। मंच का संचालन सरिता पडियार ने किया है।

