इजराइल ने अमेरिका से कहा, उसके पास ‘बहुत कम’ बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर बचे
तेल अवीव/वॉशिंगटन, 15 मार्च । पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच इजराइल की मिसाइल रक्षा क्षमता पर दबाव बढ़ता दिख रहा है। ईरान की तरफ लगातार हो रहे हमलों के कारण इजराइल के पास बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर की कमी होने लगी है। बताया जा रहा है कि इजराइल ने इस स्थिति को लेकर अमेरिका को आगाह किया है, जबकि वॉशिंगटन का कहना है कि उसके अपने भंडार फिलहाल पर्याप्त हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका अपने इंटरसेप्टर इजराइल को बेचेगा या साझा करेगा।
समाचार समूह टाइम्स ऑफ इजराइल ने अमेरिकी समाचार वेबसाइट सेमाफोर के हवाले से बताया है कि पश्चिम एशिया में बीते 15 दिनाें से जारी संघर्ष के बीच इजराइल को अपनी मिसाइल रक्षा प्रणाली के लिए जरूरी बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर की कमी का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इजराइल ने इस हफ्ते अमेरिका को जानकारी दी है कि लगातार हो रहे हमलों के कारण उसके इंटरसेप्टर का भंडार तेजी से घट रहा है।
वहीं, रिपोर्ट में कहा गया है कि, अमेरिकी अधिकारियों काे पहले से पता था कि इजराइल पहले से ही सीमित इंटरसेप्टर स्टॉक के साथ इस संघर्ष में उतरा था। पिछले साल गर्मियों में ईरान के साथ हुई झड़पों के दौरान बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर इस्तेमाल हो चुके थे, जिससे उसकी लंबी दूरी की हवाई रक्षा प्रणाली पर पहले से दबाव था। मौजूदा संघर्ष के दौरान ईरान के लगातार हमलों ने इस दबाव को और बढ़ा दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अब अपनी कुछ मिसाइलों में क्लस्टर गोला-बारूद भी जोड़ रहा है। इससे मिसाइलों को रोकने के लिए ज्यादा इंटरसेप्टर की जरूरत पड़ सकती है और इज़राइल की एयर डिफेंस प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि वॉशिंगटन को महीनों से इजराइल की सीमित इंटरसेप्टर क्षमता के बारे में जानकारी थी और यह स्थिति पहले से अनुमानित थी। हालांकि अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका को अपने इंटरसेप्टर भंडार की ऐसी कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है और उसके पास अपने ठिकानों, कर्मियों और हितों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका अपने इंटरसेप्टर इजराइल को बेचेगा या साझा करेगा। ऐसा करने से अमेरिका के घरेलू भंडार पर भी दबाव पड़ सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल के पास ईरानी मिसाइलों से बचाव के लिए अन्य विकल्प भी हैं, जिनमें लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल शामिल है। हालांकि लंबी दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए इंटरसेप्टर सबसे प्रभावी रक्षा प्रणाली माने जाते हैं। वहीं, इज़राइल की प्रसिद्ध आयरन डोम प्रणाली मुख्य रूप से कम दूरी के रॉकेट और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए बनाई गई है।
इस बीच अमेरिका ने भी अपनी मिसाइल रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। पेंटागन ने टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (थाड) मिसाइल रक्षा प्रणाली के उत्पादन को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका के पास अभी भी पर्याप्त थाड सिस्टम, लड़ाकू विमान और मध्यम-स्तर के इंटरसेप्टर मौजूद हैं।
व्हाइट हाउस का कहना है कि ईरान के खिलाफ अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अमेरिका के पास पर्याप्त हथियार और संसाधन हैं। वहीं, इजराइल अपनी इंटरसेप्टर कमी को दूर करने के लिए संभावित समाधान तलाश रहा है।

